गोरखपुर में सीएम योगी ने राहुल को बताया दीवाली वाला बिना बारूद का रॉकेट..
2014,2017,2019,2022,2024 ये लगातार भारतीय जनता पार्टी के क्रमिक विजय की यात्रा है,इस यात्रा में इन दोनों लड़को की जोड़ी देखी होगी! ये दोनो लड़कों की जोड़ी हर बार यही बहाना ढूढ़ती है,कभी ईवीएम को,कभी एसआईआर को,लेकिन अपने नकारेपन को,नकारात्मकता को ये लोग कभी उजागर नहीं करते!
सच्चाई यही है कि,कांग्रेस के नकारात्मक एप्रोच के कारण,समाजवादी पार्टी के निगेटिव एप्रोच के कारण जनता उन्हें बार बार खारिज करती है!
जहां ये चुनाव जीतते हैं वहां ये लोग अपना पुरुषार्थ दिखाते हैं लेकिन जहां हार गए तो कमल दोषी, ईवीएम दोषी,संवैधानिक संस्थाए दोषी, और लोकतंत्र पर इन्हें खतरा नजर आने लगता है!

कांग्रेस कितनी बार लॉन्च करेगी राहुल गांधी को
राहुल गांधी की स्थिति देखकर हमे आश्चर्य होता है कि कांग्रेस कितनी बार लॉन्च करेगी राहुल गांधी को!
राहुल गांधी की स्थिति आज वही है जो दीपावली के रॉकेट की तरह धुआं निकल चुका है,वो रॉकेट है जिसका बारूद पहले ही समाप्त हो गया है!
याद करिये कितनी बार राहुल गांधी को लॉन्च किया गया,2004 में कांग्रेस ने सांसद बनाकर लॉन्च किया,2007 में महासचिव बनाकर,2013 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर,2017 में अध्यक्ष बनाकर,अध्यक्ष बनने की उनकी उपलब्धि ये थी कि वो 2019 में अमेठी में ही चुनाव हार गए!

इसके बाद उन्हें लॉन्च करने के लिए भारत जोड़ो यात्रा निकाली गई,वह भी कागज़ की रॉकेट की तरह फुस हो गई! इसके बाद न्याय यात्रा निकाली,फिर अधिकार यात्रा निकाली वही स्थिति रही! कांग्रेस से हम कहना चाहेंगे,राहुल गांधी अब 56 वर्ष के हो चुके हैं, लेकिन अभी भी युवा हैं,ये युवा कभी लॉन्च नही होने वाला है,क्योंकि ये अपनी युवावस्था को पहले ही लांघ चुके हैं!
भरोसा जीतने के लिए कार्य किया जाता है,कारनामे नही,बहाने नही,कांग्रेस और इंडी गठबंधन की यही स्थिति हो चुकी है,जब मौका मिला था तो कारनामे किये,हर हार का ठीकरा एक दूसरे पर फोड़ने के बहाने हैं उनके पास!


