शिक्षकों का घर घर पहुंच बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास

शिक्षकों का घर घर पहुंच बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास

वाराणसी। कोविड 19 महामारी ने एक ओर जहां आम जन मानस के रहन सहन के तौर तरीके को बदल के रख दिया ह। वहीं इसका असर स्कूली शिक्षा पर भी हुआ है। अब पारंपरिक कक्षाओ का स्थान आनलाइन क्लास ने ले लिया है ।
आनलाइन कक्षाओ के आयोजन मे परिषदीय स्कूल भी पीछे नही हैं । सभी परिषदीय विद्यालयो मे प्रतिदिन आनलाइन कक्षाए लग रही हैं परन्तु संसाधनो ( मोबाइल फोन, डाटा आदि) के अभाव मे बड़ी संख्या मे इन स्कूलो के बच्चे आनलाइन कक्षाओ से नही जुड़ पा रहे थे। इसको ध्यान मे रखकर शिक्षको ने अपनी कार्यप्रणाली मे थोड़ा परिवर्तन किया है। अब वे घर घर पहुंचकर और गांवो मे छोटे समूह बनाकर सभी सावधानियो को ध्यान मे रखते हुए बच्चो को पढा रहे।


इस शिक्षण प्रणाली से बच्चो के साथ साथ उनके अभिभावक भी अत्यंत प्रसन्न है। इस महामारी से उत्पन्न विपरीत परिस्थितियो मे समस्त सावधानियो का कड़ाई से पालन करते हुए परिषदीय शिक्षको के द्वारा बच्चो को शिक्षित करने के लिए किया जाने वाला यह परिश्रम लोगो मे चर्चा का विषय बना हुआ है और समाज मे परिषदीय विद्यालयो की छवि मे सकारात्मक सुधार लाता भी दिख रहा है।


इसी क्रम में चोलापुर ब्लाक के तमाम विद्यालयों के शिक्षक बच्चों को उनके घर पर शिक्षण कार्य पूर्ण करा रहे हैं जिसमें पूर्व माध्यमिक विद्यालय चोलापुर वाराणसी के सहायक अध्यापक व संकुल शिक्षक ज्योति प्रकाश, दया राम, दिनेश चंद्र, गायत्री सिंह तथा प्राथमिक विद्यालय चोलापुर दितीय से वंदना मौर्या, सरोज सुनीता, हेमलता कुशवाहा, शमा परवीन तथा कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय गरथौली से सहायक अध्यापिका शबनम बानो इत्यादि लोगों ने घर पहुंच कर बच्चों को शिक्षण कार्य कराया।

रिपोर्ट : जावेद खान