‘इंडस्ट्रियल पार्क’ से बुनकारी, हैंडलूम व टेक्सटाइल्स क्षेत्र में आएगी क्रांति

‘इंडस्ट्रियल पार्क’ से बुनकारी, हैंडलूम व टेक्सटाइल्स क्षेत्र में आएगी क्रांति

वाराणसी।वाराणसी उद्योग विभाग की नई पहल से टेक्सटाइल, हैंडलूम और बुनकारी क्षेत्र में क्रांति आएगी। उद्योग विभाग ने वाराणसी में नए ‘इंडस्ट्रियल पार्क’ विशेषकर बुनकर, हैंडलूम, टेक्सटाइल से संबंधित संभावनाओं के सम्बंध में बैठक का आयोजन किया। जिसमें क्षेत्रीय अधिकारी यूपीसीडा वाराणसी द्वारा बताया गया कि मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूपीसीडा उ0प्र0 के निर्देश पर वाराणसी में टेक्सटाइल की अपार संभावनाओं को देखते हुए उससे संबंधित ओद्योगिक क्षेत्र बनाये जाने की आवश्यकता है। जिस पर राजेश भाटिया राष्ट्रीय सचिव, आईआईए द्वारा सहमति जताते हुए प्रस्ताव दिया कि यूपीसीडा को जनपद की औद्योगिक संभावनाओं एवं मांग को देखते हुए 200 एकड़ के समग्र औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए, जिसमे सेक्टरवार औद्योगक इकाइयों की स्थापना हो सके।

वैठक में नितेश धवन सहायक आयुक्त हथकरघा ने बताया कि उनके विभाग द्वारा जनपद में टेक्सटाइल पार्क की स्थापना के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित किये गए है जिसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 अगस्त 2020 कर दी गयी है। वहीं उपयुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार इन बताया कि वर्तमान परिदृश्य में जनपद वाराणसी में समेकित औद्योगिक क्षेत्र की आवयश्कता है क्योंकि वर्तमान में जनपद वाराणसी में स्थापित एकमात्र समेकित औद्योगिक आस्थान चांदपुर 1960 के दशक में स्थापित हुआ था। उसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया करखियाव एग्रो पार्क है। उपायुक्त महोदय द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि जनपद में वस्त्रोद्योग से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष लगभग 2 लाख लोगों को रोजगार प्राप्त होता है। वाराणसी वस्त्र उद्योग संघ के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि टेक्सटाइल पार्क की स्थापना से जनपद से निर्यात में वृद्धि होगी जिसका लाभ बुनकरों को प्राप्त होगा।

रिपोर्ट : काशीनाथ शुक्ल