नर्वस नाइंटी का शिकार हुआ नौकाबन्दी, डीएम वाराणसी ने किया क्लीन बोल्ड

नर्वस नाइंटी का शिकार हुआ नौकाबन्दी, डीएम वाराणसी ने किया बोल्ड

वाराणसी। इतिहास में आजतक ऐसा नहीं हुआ कि वाराणसी में नौकाओं का परिचालन लगातार 90 दिन से ऊपर पूरी तरह से ठप रहा। 95 दिनों तक गंगा की लहरियों पर अठखेलियाँ करने वाली नौकाओं का परिचालन वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से पूर्ण रूप से बंद था। जिला प्रशासन ने इसका संज्ञान लिया और मंगलवार से नगर निगम में रजिस्टर्ड नौका को चलाने की अनुमति प्रदान कर दी। अब फिर से गंगा में छोटी बड़ी नौकाओं की मणिमालायें एकबार फिर से काशी को सुशोभित करेंगी। शहर भर में इसे लेकर चर्चा हो रही है कि नौकबन्दी को 100 दिन पूरे नहीं हो पाए, नौकबन्दी नर्वस नाइंटी का शिकार हो गया और जिलाधिकारी ने क्लीन बोल्ड कर दिया।मंगलवार की सुबह नौका संचालन का जायज़ा लेने जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा गंगा घाट पहुंचे और उन्होंने नौका विहार भी किया।

देश में चर्चित वाराणसी जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा आज एकबार फिर उस वक्त चर्चा में आ गए जब उन्होंने नौका विहार के बाद नाविक शम्भू साहनी को पैसा देना चाहा लेकिन शम्भू ने पहले तो मना कर दिया लेकिन उपस्थित लोगों के बारबार कहने पर शम्भू ने जिलाधिकारी से 100 रुपये देने को कहा। इसपर जिलाधिकारी ने 2000 रूपये निकालकर शम्भू को दिए और कहा बच्चों के लिए मिठाई लेते जाना।

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नौका परिचालन का आदेश मिलते के बाद नाविकों ने गंगा पूजन किया। गंगा पूजन के बाद जिलाधिकारी को भी प्रसाद दिया गया। जिसके बाद जिलाधिकारी ने गंगा घाटों का निरीक्षण भी किया। ऐसा पहली बार हुआ है जब जिलाधिकारी खुद नाविकों का दर्द समझने गंगा घाट पर पहुंचे थे। फिलहाल नाविकों में काफी हर्ष का माहौल है। बाढ़ आने से पहले कुछ दिन नौका परिचालन से नाविकों की कुछ आमदनी हो जाएगी।

इस सम्बन्ध में बात करते नाविक सेवा समिति के अध्यक्ष शम्भू सहानी ने बताया कि जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के आदेश के बाद आज से हम सभी का रोज़गार शुरू हो गया है। आज उन्होंने स्वयं यहाँ पहुंचकर नौका विहार किया और घाटों का जायज़ा लिया। इस दौरान नौका विहार के बाद उन्होंने मुझसे मेहनताना पूछा तो मैंने 100 रुपये बताया पर उन्होंने 2000 हज़ार रूपये दिए और कहा कि बच्चों के लिए मिठाई लेते जाना।

रिपोर्ट : के एन शुक्ल