होमियोपैथ की दवा से ठीक हुए 42 कोरोना के मरीज- डॉ मिथिलेश त्रिपाठी

होमियोपैथ की दवा से ठीक हुए 42 कोरोना के मरीज- डॉ मिथिलेश त्रिपाठी

वाराणसी। दुनिया का हर देश कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन बनाने में लगा हुआ है वहीं भारत का आयुष मंत्रालय भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा। वाराणसी के जाने माने वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ मिथिलेश त्रिपाठी ने बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने आगरा स्थित नेमिनाथ होमिओपैथी मेडिकल कालेज को दवा के लिए रिसर्च करने की अनुमति दी थी। बताया जा रहा है कि इस शोध के बेहद चौंकाने वाले रिजल्ट आ रहे हैं। अबतक 42 कोरोना मरीजों की होम्योपैथिक इलाज के माध्यम से ठीक किया जा चुका है।

डॉ मिथिलेश त्रिपाठी, वरिष्ठ होमियोपैथ चिकित्सक

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर है comphor 1m और थूजा 30

वर्तमान समय covid 19 के संक्रमण के बढ़ते रोगियों के वजह कोरोना एक वैश्विक महामारी घोषित हो चुकी है। इस वायरस का प्रभाव इतना ज्यादा व व्यापक है कि पूरी दुनिया इस समय कोरोना युग मे आ गया है न कोई सटीक दवा न टिका ऐसे में होम्योपैथी की उपयोगिता भी सामने आती है। कुछ महीने पहले भारत मे आयुष मंत्रालय ने आर्सेनिक अल्बम 30 नामक होम्योपैथिक दवा को सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आम लोगो मे खूब बंटवाया। इसी क्रम में एक और होम्योपैथिक दवा comphor 1M का भी प्रचार प्रसार होम्योपैथिक डॉक्टरों द्वारा किया गया है। अभी हाल ही में ICMR द्वारा संस्तुति प्राप्त नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज आगरा द्वारा 42 मरीजो को होम्योपैथिक दवा द्वारा ठीक करने का दावा किया गया है। आगे ये होम्योपैथिक कॉलेज और मरीजो को ज्यादा ज्यादा मात्रा में भेजने व ठीक करने की बात कर रहा है। डॉ प्रतीप बनर्जी कोलकाता जो एक प्रख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक हैं, ने बाकायदा कोरोना के रोकथाम से ले कर चिकित्सा तक का प्रोटोकॉल दिया है। उनके अनुसार थूजा 30 नाम की होम्योपैथिक दवा covid19 के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता दे सकती।

नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज का ज्यादा से ज्यादा कोरोना मरीजों पर परीक्षण करने का इरादा

डॉ मिथिलेश त्रिपाठी ने बताया कि खुद मेरे चिकित्सीय अनुभवो से मुझे भली-भाँति ज्ञात है। यदि कोरोना को हराना है तो होम्योपैथी को आगे लाना होगा। मैने अपने चिकित्सा के दौरान डेंगू, हेपेटाइटिस बी जैसी वायरस जनित बीमारियों का काफी सफलतापूर्वक इलाज किया है। ऐसे में जबकि मॉडर्न मेडिसीन में इस बीमारी के इलाज हेतु कोई सटीक दवा न होने पर होम्योपैथिक जिसमे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से लेकर उचित चिकित्सा तक उपलब्ध है, इसके प्रयोग को बढ़ाना चाहिए।

ICMR की संस्तुति के बाद आमजन तक पहुंचेगी दवा

ICMR की संस्तुति के बाद नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कालेज, आगरा में 42 कोरोना मरीजों को ठीक कर क्रांति की तरफ अपना पहला कदम बढ़ा दिया है। फिलहाल ज्यादा से ज्यादा कोरोना मरीजों पर परीक्षण जारी है। वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ मिथिलेश त्रिपाठी (बीएचएमएस, आगरा) के अनुसार चूंकि होमियोपैथ लक्षण के आधार पर निदान करता है इसलिए ज्यादा से ज्यादा मरीजों पर सफल परीक्षण करने के बाद ही दवा की निर्णायक जानकारी दी जाएगी और ICMR की संस्तुति के बाद इसे डॉक्टर्स द्वारा आम लोगों तक मुहैया कराई जा सकेंगी।

रिपोर्ट : दिनेश मिश्र