इस आपदा काल मे भी मिसाल बन रहे हैं समाजसेवी

इस आपदा काल मे भी मिसाल बन रहे हैं समाजसेवी 

वाराणसी। आज पूरा देश जिस तरह कोविड-19 संक्रमण और राष्ट्रीय आपदा से लड़ रहा है वही समाज के सभी लोग अपने अपने तरीकों से जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं। जहां एक तरफ लोग अपने स्वार्थ के लिए मधुशाला मे लंबी कतारें लगाएं हुई है। वही दूसरी ओर गरीबों की मदद करने के लिए रात दिन एक कर कर सूखे अनाज को जरूरतमंद गरीब लोगों तक पहुंचाने में कुछ लोग आज भी मदद करने में लगे हुए हैं।

समाज सेवक शादाब अहमद जिनका धर्म मानव सेवा जरूरतमंद गरीब लोगों तक अनाज पहुंचाना जिससे कोई इंसान भूखा ना रहे हैं । लाँक डाउन को पूरे 42 दिन हो चुके हैं जिसमें सरकार ने कुछ छूट लाँक डाउन में दिया गया है।पर प्रथम दृष्टि समाज के उन लोगों में जिसके पास पैसे भरे हैं वह मधुशाला में अपना योगदान दिखाई देते नजर आए। और जो गरीब जरूरतमंद अपने परिवार अपने बच्चों के दूध के लिए आज भी भूख प्यास से लड़ रहे है और जो लोग अपना और परिवार का जीवन पालने में असमर्थ हैं उन लोगों के लिए इंसान के रूप में कोई न कोई फरिश्ता बनकर किसी ना किसी रूप में खड़ा हो जाता है ।

समाज सेवक शादाब अहमद जोकि गरीबों के लिए फरिश्तों से कम नहीं नजर आ रहे हैं । डीएम के आदेश पालन करते हुए के अपने क्षेत्र पियरी के चौकी इंचार्ज के सहयोग से शादाब अहमद ने गरीब जरूरतमंद लोगों की लगातार मदद कर रहे हैं ।अपने क्षेत्र मैं और बाहर तक जितना हो रहा है उतना जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं। समाज सेवक शादाब का कहना है इस आपदा भारी घड़ी में इंसानियत से बड़ा कोई धर्म कोई मजहब नहीं। इंसान इंसान के दुख में काम आए इससे बढ़कर कोई धर्म ना कोई जात नहीं होती। उन्होंने सवा सौ जरूरतमंद लोगों को अनाज बाटा और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए इस दुख भरी घड़ी में गरीबों के लिए इंसानियत की एक मिसाल बनते नजर आ रहे है। शदाब अहमद संक्रमण को रोकने के लिए अपने क्षेत्रों में सैनिटाइजर से लेकर साफ सफाई का पूरा ख्याल रखते हुए जनता से लगातार अपील कर रहे हैं की सोशल डिस्टेंसिग बनाए रहेऔर समाज में ना दिखने वाला दुश्मन को हराने में सरकार और प्रशासन का पूरा सहयोग करें घर में रहिए सुरक्षित रहिए अपना और अपनों का ख्याल रखें और लॉक डाउन का पालन कीजिए।

रिपोर्ट : जावेद खान, रिपोर्टर्स पेज- वाराणसी