इराक की तरह क्या चीन पर हमला करेगा अमेरिका ? – अरुण पाठक

ट्रम्प से अरुण पाठक ने ट्वीट कर पूछा सवाल- इराक की तरह चीन पर हमला कब ?

वाराणसी। अमेरिका-इराक युद्ध कौन नही जानता। इस अंतरराष्ट्रीय युद्ध में धमक और धमकियों से पूरी दुनिया आवक थी क्योंकि इस युद्ध मे रासायनिक और जैविक हथियारों का लगातार इस्तेमाल किया गया था। 10 साल के लंबे युद्ध के बाद जब सद्दाम हुसैन मारा गया तब इराक कमजोर पड़ा और अमेरिका का दबदबा और मजबूत हुआ। कहा जाता है कि इराक के पास रासायनिक और जैविक हथियार होना ही उसके पतन का कारण बना। हालांकि अमेरिका इसे साबित करने में नाकाम रहा।

पाकिस्तान में घुसकर लादेन को मारने वाला चीन पर मौन क्यों ? – अरुण पाठक

लेकिन वहीं दूसरी तरफ एक बार फिर पूरा विश्व कोरोना जैसे महामारी से पीड़ित है। अमेरिका चीफ ट्रम्प का मानना है कि कोरोना जैसा जैविक हथियार चीन की खुराफात है जबकि वो अपनी ही एजेंसी के विचारों से इत्तेफाक नही रखते। ट्रम्प ने कई बार चीन पर यह आरोप लगाया है कि उसने ही जैविक हथियार कोरोना बनाया और पूरे विश्व मे फैलाया। इसपर विश्व हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण पाठक ने ट्रम्प से सीधे सवाल जवाब किये हैं और पूछा है कि जिस प्रकार केवल रासायनिक या जैविक हथियार होने के मात्र शक होने पर अमेरिका इराक पर हमला कर सकता है तो चीन पर क्यों नहीं। क्या यह वही अमेरिका है जो लादेन को पाकिस्तान में घुस कर मारी थी। जिसने सद्दाम हुसैन जैसे ताकतवर और कद्दावर नेता को मौत के घाट उतार दिया था। तो फिर चीन पर अमेरिका मौन क्यों है ? जबकि खुद अमरीकन राष्ट्रपति कई बार यह घोषणा कर चुके हैं कि इस महामारी को चीन ने जानबूझकर फैलाया है।

ताकतवर नहीं बयान बहादुर हैं ट्रम्प- अरुण पाठक

अरुण पाठक ने आगे कहा कि अमेरिका का राष्ट्रपति ट्रम्प खुद को विश्व का सबसे बलवान नेता मानता है लेकिन हैं बयान बहादुर। जब चीनी सैनिक हमारे सीमा में घुसे तो मोदी जी के आदेश पर हमारे सैनिकों ने उन्हें खदेड़ भगाया। तो इस आधार पर विश्व के सबसे ताकतवर नेता मोदी हैं और कोई नहीं। इसलिए ट्रम्प अपने बयानों के अनुसार चीन पर तत्काल हमला करें या फिर खुद को दुनिया का सबसे ताकतवर नेता कहना छोड़ दें।