पालघर में संतों की हत्या के बाद पूजनीय बाला साहेब याद आये- अरुण पाठक

पालघर में संतों की हत्या के बाद पूजनीय बाला साहेब याद आये- अरुण पाठक

वाराणसी। पालघर में हुए दो साधुओं की हत्या के बाद कभी शिवसेना में पूर्वी उत्तरप्रदेश के फायर ब्रांड नेता रहे और विश्व हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण पाठक ने नम आंखों से बाला साहेब ठाकरे को याद किया है। अरुण पाठक का कहना है कि अगर हमेशा से उनके आदर्श रहे बाला साहेब होते तो महाराष्ट्र को ये दिन नही देखना पड़ता। सरकार किसी की भी होती किसी माई के लाल में दम नही होता कि किसी भगवा धारी साधु की इस तरह से हत्या हो जाय और पुलिस मूक दर्शक बनकर देखती रहे।हिंदूवादी संगठन वीएचएस के संस्थापक अरुण पाठक ने कहा कि अगर सरकारें हिंदु साधु संतों की हत्या पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई नहीं करती है तो पालघर का जवाब काशी से विश्व हिन्दू सेना देने में सक्षम है।पालघर में हुए दो साधुओं की हत्या के बाद कभी शिवसेना में उत्तरभारत शिवसेना के फायर ब्रांड नेता रहे और विश्व हिन्दू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण पाठक ने नम आंखों से बाला साहेब ठाकरे को याद किया है। अरुण पाठक का कहना है कि अगर बाला साहेब होते तो महाराष्ट्र को ये दिन नही देखना पड़ता। सरकार किसी की भी होती किसी माई के लाल में दम नही होता कि किसी भगवा धारी साधु की इस तरह से हत्या हो जाय और पुलिस मूक दर्शक बनकर देखती रहे।हिंदूवादी संगठन वीएचएस के संस्थापक अरुण पाठक ने कहा कि अगर महाराष्ट्र सरकार हिंदु साधु संतों की हत्या पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई नहीं करती है तो पालघर घटना की जांच सीबीआई से करवाया जाय और दोषियों को कठोरतम दण्ड दिया जाय। इस बाबत हालांकि यूपी के मुखिया आदित्यनाथ योगी ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की और संतों के हत्यारे पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने को कहा। उद्धव ठाकरे ने जांच कर कड़ी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।

पुलिस की मौजूदगी में हुई संतों की हत्या से उठे कई सवाल

आपको बता दें कि महाराष्ट्र के पालघर जिले के दानू तहसील में जूना अखाड़े के दो संत महात्माओं की पुलिस की मौजूदगी में लाठी डंडों से पीट- पीटकर धर्म विशेष के लोगों ने हत्या कर दी। इस घटना के बाद से साधु संतों में काफी नाराजगी है। साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने दोषियों के खिलाफ जांच के बाद सख्त कार्रवाई की मांग की है। महंत नरेंद्र गिरी ने आरोप लगाया है कि कोरोना के बहाने धर्म विशेष के लोग साधु.संतों से बदला ले रहे हैं। लॉक डाउन के खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में संत महात्मा महाराष्ट्र सरकार का घेराव करेंगे। इस मामले में कार्रवाई के लिए दबाव भी बनाएंगे। महंत नरेंद्र गिरी ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

संतों में आक्रोश, कई जगह से आई प्रतिक्रियाएं

बता दें की महाराष्ट्र संतो के साथ हुई घटना को लेकर विश्व हिन्दू सेना, अखाड़ों, मठों व मंदिरों के संतों में भयंकर आक्रोश है। वायरल हो रहे वीडियो में दिख रही पुलिस को देखते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि पुलिस वहां थी लेकिन संतो को बचाया नहीं गया । उन्होंने कहा की संत एक समाधि में जा रहे थे। पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए । महाराष्ट्र सरकार को इन सभी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करनी होगी।