कोविड-19 को लेकर ग्राम पंचायते अब भी लापरवाह, कई ग्राम पंचायतों में ना तो हुई साफ-सफाई, ओर ना ही गुजरात व राजस्थान से आने वाले श्रमिको का ठीक ढंग से करवाया जा रहा स्वास्थ्य परीक्षण, उच्च अधिकारी ध्यान दे! अन्यथा यंहा से विकराल रूप में साबित होगा कोविड-19

कोविड-19 को लेकर ग्राम पंचायते अब भी लापरवाह, कई ग्राम पंचायतों में ना तो हुई साफ-सफाई, ओर ना ही गुजरात व राजस्थान से आने वाले श्रमिको का ठीक ढंग से करवाया जा रहा स्वास्थ्य परीक्षण, उच्च अधिकारी ध्यान दे! अन्यथा यंहा से विकराल रूप में साबित होगा कोविड-19

News@- Kr. Shan thakur
पेटलावद। देश मे फैली कोरोना वायरस से महामारी को देखते हुए पँचायत राज संचालनालय मघ्यप्रदेश द्वारा आदेश जारी करते हुए समस्त पंचायतो को आदेशित किया गया है कि कोविड 19 की रोकथाम के लिए जरूरतमंद लोगो को भोजन/आश्रय की व्यवस्था, ग्राम पंचायत की साफ-सफाई कार्य एवं सामग्री सहित सेनिटाइजर मास्क वितरण को लेकर राशि 30 हजार रुपये खर्च किया जा सकता है। और कोविड-19 की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास करने हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा आदेश दिए हुए है किंतु आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले में पंचायतो के द्वारा इन आदेशो की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है।

मामला — आपको बता दे कि झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील से भी इस तरह का मामला सामने आया है, जंहा ग्राम पंचायत मठमठ में इन आदेशों की धज्जियां उड़ाने का कार्य किया जा रहा है। जानकारी देते हुए ग्राम के उपसरपंच बिरज पोरवाल सहित ग्रामवासी शांतिलाल गुर्जर, रमेश गुर्जर, महेश पोरवाल, वासुदेव पोरवाल, भीम गरवाल, रमेश गरवाल, राजेश पोरवाल, भगरत पडियार द्वारा बताया कि ग्राम पंचायत मठमठ द्वारा ग्रामवासियों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जंहा पूरे देश मे कोरोना वायरस को लेकर हाहाकार मंचा है किन्तु फिर भी पंचायत द्वारा ना तो यंहा कोई साफ-सफाई कार्यवाई गई ना ही यंहा किसी प्रकार से सेनिटाइजर का छिड़काव किया गया। हमारे द्वारा पंचायत सचिव गेंदालाल वसुनिया से चर्चा भी की गई थी कि पंचायत स्तर पर आपके द्वारा अब तक कोई काम क्यो नही किया गया तो उन्होंने बेतुके जवाब देना शुरू कर दिया। गांव में राजस्थान सहित गुजरात से बड़ी संख्या में श्रमिक पहुचे है किन्तु पंचायत स्तर से उनकी कोई सुध नही ली गई। यंहा 2 से 3 बस व टेम्पो में श्रमिक पहुचे है जिसको लेकर पंचायत की ओर से किसी प्रकार से कोई कदम नही उठाएंगे गए मात्र ग्राम के स्वास्थ्य केंद्र के भरोसे यंहा पूरी स्थिति देखी जा रही है। जबकि पँचायत को इस ओर जिम्मेदार रहते हुए हर एक श्रमिक की जानकारी लेकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाना था किंतु यंहा ऐसा कुछ नही हुआ। जबकि पँचायत को मिली शासन के निर्देशअनुसार 30 हजार रुपये की राशि भी प्राप्त हुई है जिससे यंहा के रहवासियों के लिए उचित व्यवस्था की जा सके। लेकिन लापरवाही में डूबी पँचायत इस ओर ध्यान देना ही नही चाहती है।

मठमठ ग्राम पंचायत के साथ ही जनपद क्षेत्र में कई ऐसी पंचायतें है जो शासन के आदेशों को ताक पर रखकर लापरवाह रवैया अपना रही है, किन्तु उच्च अधिकारियो को इस ओर ध्यान देते हुए पँचायत स्तर के छोटे छोटे गाँवो में रहने वाले भोले भाले परिवारों को बचना होगा क्योंकि पंचायत की लापरवाही के चलते यह गरीब परिवार खतरे के बीच झुज रहे है।