कैमरों की चमक-दमक से दूर असहायों की मदद कर रहा वाराणसी पुलिस का यह जवान

कैमरों की चमक-दमक से दूर असहायों की मदद कर रहा वाराणसी पुलिस का यह जवान

वाराणसी। कोरोना वायरस के खात्मे के लिए देश भर में 21 दिन का लॉक डाउन किया गया है। ऐसे में सबसे ज्यादा संकट उन लोगों के सामने आ गया है जो रोज कमाते और खाते हैं। सरकार के साथ ही तमाम संगठन भी इस वर्ग की मदद को आगे आए हैं। कई पुलिस के बड़े अधिकारी व सामाजिक संगठन के लोग तो मदद करने से पहले बकायदा मीडिया संस्थान के दर्जनों पत्रकार को बुलाकर कैमरे की चमक दमक के बीच खाने के पैकेट बांट रहे हैं। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग के मानक की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं।

इन सबके बीच वाराणसी में एक ऐसा भी पुलिस का जवान हैं जो कैमरों की चमक दमक से दूर अकेले ही बनारस की गलियों व घाट किनारे निकल पड़ा है असहायों की सेवा करने ताकि कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा न सोए। कोतवाली थाने के गायघाट पुलिस चौकी पर तैनात कांस्टेबल *राममूरत राव* रोजाना करीब 75-100 लोगों के लिए खाने के पैकेट उपलब्ध कराते हैं। ये वो लोग हैं जो मजदूरी कर अपना पेट पालते थे।

सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल

कांस्टेबल राममूरत राव लॉक डाउन के दौरान ऐसे गरीब व्यक्तियों की मदद कर रहे हैं जो रोज मजदूरी कर कुछ रुपये कमाते थे और उसी से अपने लिए राशन का इंतजाम करते थे। राममूरत भोजन के पैकेट वितरण के समय सोशल डिस्टेंसिंग का भी विशेष रूप से ख्याल रखते है। राममूरत का कहना है कि ये लोग रोज कमाते और खाते हैं और अब इनके पास अब रुपये नहीं है इसलिए वो लॉक डाउन में इनकी मदद कर रहे हैं और जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते वो इनकी मदद करते रहेंगे।

रिपोर्ट : विकास यादव