चित्रकलाओं से बनी दशोपनिषद एवं महावाक्यों के डिजिटल एल्बम का विमोचन

दशोपनिषद एवं वैदिक महावाक्यों का चित्र कलाओं से युक्त विश्व के पहले डिजिटल एल्बम का विमोचन

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वैदिक विज्ञान केंद्र जो 16 फरवरी को माननीय प्रधान मंत्री द्वारा लोकार्पित किया गया।जहां पिछले दस दिनों से चल रहे कार्यशाला के अंतिम दिन वैदिक विज्ञान केंद्र के प्रथम सत्र के मेधावी छात्रा नेहा सिंह द्वारा तैयार किया गया चित्रकलाओं से बनी दशोपनिषद एवं महावाक्यों का डिजिटल एल्बम का विमोचन किया गया । नेहा सिंह द्वारा दशोपनिषद पर तैयार किया गया डिजिटल एल्बम देखकर सब लोग स्तब्ध रह गए और जमकर तारीफ किये । शायद दुनिया में ऐसा पहला डिजिटल एल्बम होगा जो उपनिषद जैसे विषय को चित्र कलाओं के माध्यम से वैदिक ज्ञान को अभिव्यक्त करने की कोशिश किया गया हो ।यह एल्बम काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वैदिक विज्ञान केंद्र शुरू होने के बाद विमोचन किया गया पहला प्रकाशन है ।

पूरी रात जागकर करना पड़ता था पेंटिंग

नेहा ने बताया कि “उपनिषदों की पेंटिंग के द्वारा इस तरह का एक एल्बम बनाने की साल भर से कोशिश की जा रही थी, पहले सिर्फ कठोपनिषद पर बनाने के लिए पढ़ायी शुरू किया गया, मगर वैदिक विज्ञान में दाखिला मिलने के बाद कई गुरुजनों के सानिध्य में अध्ययन करने के बाद मुख्य दस उपनिषद पर एक एक पेंटिंग बनाकर एल्बम का रूप देने की तैयारी करने लगी। उपनिषद का पेंटिंग बनाना साधारण पेंटिंग बनाना जैसे आसान नहीं था ।

एक एक उपनिषद को कई बार पढ़ना पड़ता था तब जाके थोड़ा बहुत समझ पाती थी कि कैनवास पे क्या में उकेरूं । फिर एक गुरु जी ने मुझे बताया कि वेद ज्ञान जैसे विषयों पर इस तरह का कार्य करने के लिए व्रत, साधना, अंतर्मन की शुद्धिकरण आदि, जैसे एक तपस्या के तरह करना पड़ेगा, क्योंकि ये सब भगवद कृपा के बिना असंभव है । इसलिए कई महीने अपने जीवनचर्या को व्रत जैसे ही जीना शुरू किया । जिस दिन किसी उपनिषद का पेंटिंग करना होता था उस दिन सुबह से पूजा एवं ध्यान में रहने के बाद पूरी रात जाग कर पेंटिंग किया करती थी । क्योंकि बिना किसी कोलाहल से ध्यान से करना पड़ता था ।

20 पन्नों के एलबम में चित्रित हैं 10 उपनिषद

20 पन्नों का एवं 12×18 इंच का इस डिजिटल एल्बम में मुख्य दस उपनिषदों का एक एक पेंटिंग है साथ में उस उपनिषद के बारे में संक्षिप्त लेख भी है । इसी एल्बम के आखिरी पेज में वेदों में वर्णित महावाक्यों का भी एक पेंटिंग है ।महावाक्य जैसे “प्रज्ञानं ब्रह्मा” – जो ऋगवेद से संबंधित है ऐतरेय उपनिषद के अंतर्गत आता है, “अहं ब्रह्मास्मि” – जो यजुर्वेद से संबंधित है बृहदारणयोपनिषद में आता है, “तत्वमसि” – जो सामवेद से सम्बंधित है जो छान्दोग्योपनिषद में आता है और “अयं आत्मा ब्रह्मा” – जो अथर्ववेद से सम्बंधित है जो मांडूकयोपनिषद में आता है ।

चित्रांकन किया गया 10 उपनिषद है…

1. ईशावास्योपनिषद, 2. केनोपनिषद, 3. कठोपनिषद, 4. प्रश्नोपनिषद, 5. मुण्डकोपनिषद, 6. माण्डूकयोपनिषद, 7. तैतीरियोपनिषद, 8. ऐतेरियोपनिषद, 9. छानदोक्योपनिषद,10. बृहदरणयोपनिषद

सुश्री नेहा सिंह पहले भी कई कलाओं में अपना निपुणता दिखा चुकी है । विद्यापीठ से चित्र कला में स्नातकोत्तर करने के बाद वैदिक विज्ञान में शोध की तैयारी कर रही है ।

नेहा के नाम है कई विश्व रिकॉर्ड

आपने सोलह लाख मोतियों से भारत का नक्शा बनाकर एवं 13867 उंगलियों के निशान से 499 फ़ीट कपड़े पर पूरा हनुमान चालीसा लिखकर दो दो विश्व रिकॉर्ड भी बना चुकी है । नेहा द्वारा प्रवासी भारतीय दिवस पर बनाई पंच तत्व की पेंटिंग अमेरिका से आये एक अतिथि ने खरीद लिया था ।

दस उपनिषदों का इस एल्बम को तैयार करने में आर्थिक सहयोग शहर के जाने माने व्यक्तित्व भगवद गीता के पुजारी परिवार ब्रेड एवं नमकीन के मालिक श्री गोविंद किशनानी द्वारा किया गया था ।आज दशोपनिषद के डिजिटल एल्बम के विमोचन वैदिक विज्ञान में आयोजित दस दिवसीय कार्यशाला के समापन में उपस्तिथ निम्न विद्वत गणों के कर कमलों द्वारा किया गया था ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर बी० एस० राजपूत – पूर्व कुलपति, गढ़वाल एंड नैनीताल विश्वविद्यालय एवं पूर्व चेयरमैन उत्तर प्रदेश हायर एजुकेशन रहे साथ ही प्रोफेसर अनिल कुमार त्रिपाठी निदेशक, विज्ञान संस्थान, BHU प्रोफेसर विन्ध्येश्वरी प्रसाद मिश्र संकाय प्रमुख, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय BHU , प्रोफेसर विजय कुमार शुक्ल कुलगुरु, प्रोफेसर ह्रदय रंजन शर्मा, मनोन्न्त आचार्य, वेद विभाग संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय , BHU व कार्यशाला अध्यक्ष डॉ० उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी , समन्वयक, वैदिक विज्ञान केंद्र, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय उपस्थित रहे।