वंचित समाज के बच्चें भी मंच पर कर सकते है खुद को साबित -एसडीओपी बामनिया — बुनियादी शाला के बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतिया –

वंचित समाज के बच्चें भी मंच पर कर सकते है खुद को साबित एसडीओपी बामनिया — बुनियादी शाला के बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतिया –

News@ -रिपोर्टर्स पेज –
पेटलावद शनिवार को पेटलावद-रायपूरिया मार्ग पर स्थित सम्पर्क बुनयादी शाला में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें नन्हें-मुन्ने बच्चों ने एक से बढ़कर प्रस्तुतिया दी। बच्चों ने नाट्य, नृत्य के साथ हीं एकल अभिनय, मीम प्रहसन आदि की नयनाभिराम प्रस्तुतियां देकर वहां उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में आजादी के आंदोलन के समय अंग्रेजों के अत्याचार, वर्तमान समय में मोबाईल के दुष्प्रभावों से ग्रस्त सामाजिक परिवेश, पानी के दुरूपयोग से उत्पन्न होने वाली भविष्य की तस्वीर आदि मुद्दो पर गंभीर नाटक प्रस्तुत कियें। ठेठ आदिवासी गांव के सिमित संसाधनों में जीवन यापन करने वाले आदिवासी छात्र-छात्राओं ने अपनी अभिनय प्रतिभा को सवांद अदायगी से दर्शकों को बहुत प्रभावित किया।
कार्यक्रम की शुरूआत मॉ सरस्वती की आराधना में कियें गयें नृत्य के साथ हुई, इससे पूर्व अतिथियों ने मॉ सरस्वती और महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया। तत्पश्चात संस्था की प्राचार्य श्रीमति प्रक्षाली देसाई ने मीरा के प्रसिद्ध भजन चाकर राखो जी पर भाव प्रणव प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने आदिवासी समाज में फैले अंधविश्वास पर प्रहार करते हुए एंकाकी प्रस्तुत की जिसमें व्यक्ति के बीमार होने पर बड़वा के पास न ले जाकर मरीज को चिकित्सा सहायता प्रदान करने पर जोर दिया। नाटको के अलावा बच्चों ने लोक गीतों तथा युवाओं के बिच लोकप्रिय फिल्मी गानों पर नृत्य पेश कियें। साथ हीं कुछ पुरानी शास्त्रीय रचनाओं पर भी अपना नृत्य कोशल प्रर्दशित किया।
समारोह में अतिथियों का स्वागत सुत की माला पहनाकर किया गया। स्वागत भाषण देते हुए सम्पर्क निर्देशक निलेश देसाई ने कहां कि आदिवासी समाज के बच्चें अवसर मिलने पर स्वयं को परिष्कृत कर सकते है। बुनियादी शाला के बच्चें इसी दिशा में अग्रसर है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसडीओपी बबीता बामनिया ने कहां की सुधुर गांवो में जीवन की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने वाले समाज के बच्चें जब मंच पर अपनी प्रतिभा बिखेरते है तो हमें इस पर गर्व की अनुभुति होती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ब्लांक कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्रपालसिंह सलुनिया ने कहां की मोजुदा समय में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रयासों की बहुत आवश्यकता है आदिवासी बच्चों के विकास में बुनियादी शाला अहम भूमिका अदा कर रहीं है, यह समाज के लिए शुभसंकेत है। विशेष अतिथी के रूप में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुशमा भदोरिया ने कहां कि बच्चों ने कार्यक्रम प्रस्तुत कियें है उससे भरोसा होता है कि आदिवासी समाज के बच्चें अब अच्छी शिक्षा के साथ हीं सांस्कृतिक क्षमताओं का भी विकास कर रहे है। कार्यक्रम में भारतीय पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनोज पुरोहित, समाजसेवी पारस कोटड़िया, पेटलावद थाना प्रभारी दिनेश शर्मा ने भी अपने संबोधन में बच्चों के सांस्कृतिक प्रतिभा प्रदर्शन की सराहना की। निर्णायक के रूप मे कार्यक्रम में शिक्षाविद श्रीमति रानु मण्डलोई तथा सोना कोटड़िया ने बच्चों की प्रतिभा का आंकलन किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार हरिशंकर पंवार एवं शाला की प्राचार्य श्रीमति देसाई ने किया। आभार प्रदर्शन राधेश्याम पाटीदार ने किया।