बामनिया स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर 1 प्लेटफार्म नंबर 3 पर हो रहा खुलेआम क्रेशर स्टोन डस्ट का उपयोग, लाखों के निर्माण कार्य सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्यालय मेघनगर का मामला –

बामनिया स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर 1 प्लेटफार्म नंबर 3 पर हो रहा खुलेआम क्रेशर स्टोन डस्ट का उपयोग, लाखों के निर्माण कार्य सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्यालयमेघनगर का मामला –

News@- दिलीप मालवीय –
बामनीया (झाबुआ) – भारत सरकार का सबसे बड़ा डिपार्टमेंट रेल डिपार्टमेंट जो सेंट्रल गवर्नमेंट का सबसे बड़ा डिपार्टमेंट माना जाता है रेलवे डिपार्टमेंट में नियम एवं कायदे कानून पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुके हैं वर्तमान में रेलवे डिपार्टमेंट काफी घाटे में चल रहा है इसकी मुख्य वजह ठेकेदारी पद्धति के चलते घटिया निर्माण को लेकर इंकार नहीं किया जा सकता है मामला पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के अंतर्गत बामनिया स्टेशन पर वर्तमान में रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 1 प्लेटफार्म नंबर 2 का है जिसमें अलग-अलग ठेकेदारों द्वारा कार्य किया जा रहा है साथ ही रेलवे फाटक एवं स्टेशन प्लेटफार्म क्रमांक 1 के बीच में क्वार्टर का निर्माण भी किया जा रहा है चल रहे नवीन निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा क्रेशर स्टोन डस्ट का उपयोग इन तीनों जगहों पर किया जा रहा है देखने में यह आया है कि जब से निर्माण कार्य अलग अलग ठेकेदार द्वारा प्रारंभ किया गया है उसी वक्त से नवीन कार्य में क्रेशर मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है इससे पहले भी रेलवे फाटक के पास पुलिया के नीचे अप्रैल-मई में तत्कालीन ठेकेदार द्वारा नदी के अंदर से रेत का बंटा स्टोन क्रेशर मिट्टी का उपयोग किया गया था एंव रेलवे विभाग को चूना लगाते हुए डस्ट का उपयोग किया गया है जबकि नियमानुसार डस्ट की जगह ठेकेदार को बालू रेत या काली रेत का उपयोग करना था लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते घटिया निर्माण का कार्य किया जा रहा है प्लेटफार्म नंबर 1 पर प्लेटफॉर्म को चौड़ा किया जा रहा है तो यहीं पर चौड़ाई के साथ में बाउंड्री वाल का निर्माण भी किया जा रहा है साथ ही प्लेटफार्म नंबर 3 पर भी नाली का निर्माण कार्य किया जा रहा है लेकिन नाम मात्र की बालू रेत दिखावे के लिए ठेकेदार द्वारा रखी गई है जबकि प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर खुलेआम आप फोटो में देख सकते हो कि किस तरीके से प्रेशर डस्ट मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है इस और सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्यालय मेघनगर आई डब्लू के अधिकारियों द्वारा मानीटरिंग की जा रही है लेकिन ठेकेदारों पर इनका प्रभाव नहीं देखा जा रहा है खुलेआम घटिया निर्माण के चलते जनता द्वारा दिए गए टैक्स की राशि की धज्जियां उड़ाई जा रही है इस बारे में सूचना के अधिकार के अंतर्गत रतलाम रेल मंडल के अधिकारी से भी इन निर्माण कार्यों की जानकारी मांगी जा रही है