नागरिकता संशोधन अधिनियम नागरिकता प्रदान करने के लिए है ना की किसी की नागरिकता छीनने के लिए है – गंगाखेड़ी – करवड़ में चलाया गया सम्पर्क अभियान –

नागरिकता संशोधन अधिनियम नागरिकता प्रदान करने के लिए है ना की किसी की नागरिकता छीनने के लिए – कृष्णपाल सिंह गंगाखेड़ी –
करवड़ में चलाया गया सम्पर्क अभियान –

News@- रिपोर्टर्स पेज –
पेटलावाद (झाबुआ) – नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में ग्राम करवड़ में संपर्क अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गांव तक यह बात पहुंचाना है की नागरिकता संशोधन अधिनियम क्या है। नागरिकता संसोधन बिल को लेकर भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह गंगाखेड़ी ने बताया की यह अधिनियम नागरिकता प्रदान करने के लिए है ना की किसी की भी नागरिकता छीनने के लिए है। देशभर में इस प्रकार का माहौल पैदा किया जा रहा है की इस अधिनियम से इस देश के मुसलमानों को देश से बाहर कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं है इस अधिनियम में अफगानिस्तान बांग्लादेश पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदू जैन सीख ईसाई पारसी इत्यादि लोगों के साथ उपरोक्त देशों में धार्मिक उत्पीड़न हूआ है और वह भारत मे शरणार्थी बनकर 31 दिसम्बर 2014 से रह रहे है ऐसे लोगों को भारत में नागरिकता प्रदान करना है 24 दिसंबर 1947 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली एवं भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बीच में एक समझौता हुआ था जिसके अंतर्गत अपने अपने देश में अल्पसंख्यकों के हक की चिंता करना उनकी धार्मिक स्वतंत्रता को आघात ना पहुचे इस बात की चिंता करना था लेकिन बांग्लादेश एवं पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों पर लगातार उत्पीड़न बढ़ता गया परिणाम स्वरूप पाकिस्तान में 14% हिंदू आबादी थी जो आज घटकर 2% रह गई है बांग्लादेश में 23:00 पर्सेंट हिंदू आबादी थी जो आज घटकर 2% के आसपास रह गई यह चिंता का विषय समझ कर यह बिल लाया गया है। इस अवसर पर भाजपा वरिष्ठ नेता शालिग्राम जी पाटीदार मंडल उपाध्यक्ष भगवान सिंह गहलोत पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष बद्रीलाल पाटीदार एवं अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।