योग चरित्र निर्माण, शारीरिक उन्नति एवं आत्मरक्षा सप्त दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का बामनिया एमडीएच स्कूल में हुआ समापन, बच्चों द्वारा दिया गया भव्य प्रदर्शन –

योग चरित्र निर्माण, शारीरिक उन्नति एवं आत्मरक्षा सप्त दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का बामनिया एमडीएच स्कूल में हुआ समापन, बच्चों द्वारा दिया गया भव्य प्रदर्शन –

News@- रिपोर्टर्स पेज –
पेटलावद – बामनिया स्थित विद्यालय महाशय धर्मपाल (mdh) दयानन्द आर्य विद्या निकेतन में रविवार को योगचरित्र निर्माण, शारीरिक उन्नति एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का प्रदर्शन एवं समापन समारोह आयोजित किया गया। सिसमें बड़ी संख्या में बच्चें, पालक, गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्जवलन एवं स्वागत गीत द्वारा किया गया। कार्यक्रम सुशील जी बाजपेयी (राष्ट्रीय एथलीट पावर लिफ्टिंग, कुश्ती, झाबुआ) के मुख्य आतिथ्य एवं श्रीमती संगीता जी सोनी, रामेश्वर जी गर्ग, दयासागर जी के विशिष्ठ आतिथ्य एवं श्रीमान गोवर्धनसिंह जी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आचार्य दयासागर जी ने अपने उद्बोधन में योग एवं शिविर के महत्व को बताया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रामेश्वर जी गर्ग ने भी छात्रों द्वारा किये गए प्रदर्शन को सराहा एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

प्राचार्य श्री प्रवीण अत्रे एवं विद्यालय प्रबंधक श्री संदीप जी बिसारिया द्वारा अतिथियों का पुष्प माला भेंट कर स्वागत किया गया। प्राचार्य ने अपने स्वागत भाषण में अतिथियों का परिचय करवाया साथ ही आज के इस आयोजन के सन्दर्भ में महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी।

कार्यक्रम में सप्त दिवसीय आवासीय शिविर के अन्तर्गत आर्यवीरों द्वारा सीखे गए विभिन्न कौशलो का प्रदर्शन आचार्यो के मार्गदर्शन में पूर्ण हुआ। कार्यक्रम मे छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। संगीत शिक्षक श्री शैलेश त्रिपाठी द्वारा आकर्षक भजन की प्रस्तुति दी गयी। शिविरार्थियों ने असत्य पर सत्य की विजय को प्रदर्शित करते हुए आसनो द्वारा रथ संचलन का प्रदर्शन किया, जिसकी सभी दर्शको एवं अतिथियों ने मुक्त कण्ठ से प्रशंसा की। छात्रों ने पारंपरिक साधन लाठी द्वारा प्रदर्शन कर आत्मरक्षा के गुर बताए। जिसकी सभी ने सराहना की। छात्रों ने परेड,पीटी, प्रदर्शन, आसन एवं दण्ड बैठक आदि कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्री वाजपेयी ने कहा कि ‘‘इस प्रकार के आयोजन से छात्रों में नैतिक शिक्षा, अनुशासन एवं चरित्र निर्माण के साथ साथ आत्मरक्षा का गुण भी विकसित होगा और भविष्य के महान खिलाड़ियों का उद्भव होगा।‘‘ साथ ही उन्होनें भविष्य में ऐसे कार्यक्रम के आयोजन पर अपने द्वारा निशुल्क प्रशिक्षण देने का आश्वासन भी दिया।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती संगीता जी सोनी ने छात्रों द्वारा किये गए प्रदर्शन की सराहना की साथ ही भविष्य में छात्राओं के लिए भी ऐसे आवासीय शिविर के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

अतिथियों द्वारा शिविर में भाग लेने वालें उत्कृष्ट आर्यवीरों को प्रशंशा पत्र एवं शिविर में सहयोग प्रदान करने वाले छात्रो को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। शिविर में सर्वश्रेष्ठ का अवार्ड सुनिल वसुनिया को मिला।

शिविर के सफल आयोजन हेतु दिल्ली से पधारे शैल जी शास्त्री, आशीष आर्य, करण आर्य एवं दिलिप जी शास्त्री द्वारा शिविरार्थियों को उचित प्रशिक्षण दिया गया।
इस हेतु अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह् देकर इन सभी को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय के प्राचार्य एवं संस्था सदस्यों द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन मनोज मालवीय ने किया। कार्यक्रम का आभार संदीप जी बिसारिया ने माना। अन्त में अन्न बचाओं शपथ दिलवाकर भोजन प्रसादी करवाया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री संजय जी पाढ़ी, श्रीमती स्मिता भट्ट, श्रीमती कविता त्रिपाठी एवं समस्त स्टाफ का पूर्ण योगदान रहा।