अतिक्रमण मुहिम के नाम पर प्रशासन ने की दोगली कार्यवाही, गरीबो के साथ हुआ पक्षपात, असल भूमाफिया तो अब भी सुरक्षित, बिना सूचना दिए कर दी तोड़फोड़ कार्यवाही, गरीबो की रोजीरोटी उजाड़ प्रशासन गदगद –

अतिक्रमण मुहिम के नाम पर प्रशासन ने की दोगली कार्यवाही, गरीबो के साथ हुआ पक्षपात, असल भूमाफिया तो अब भी सुरक्षित, बिना सूचना दिए कर दी तोड़फोड़ कार्यवाही, गरीबो की रोजीरोटी उजाड़ प्रशासन गदगद –

News@- कुँवर शान ठाकुर/ सुनील खोड़े –
पेटलावद (झाबुआ) – मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार भूमाफियाओं के खिलाफ एक्शन में है। पूरे प्रदेश में भूमाफियाओं के खिलाफ मुहिम छेड़ी हुई है। जिससे भूमाफियाओं में हड़कंप भी देखा जा रहा है। लगातार प्रदेश सरकार के इशारे पर भूमाफियाओ के ठिकानों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। भूमाफियाओं के खिलाफ चलाये जा रहे एक्शन का पेटलावद नगर में उल्टा ही असर हुआ है। प्रशासनिक कार्यवाही के नाम पर चलाई गई अतिक्रमण मुहिम में कई गरीबो की रोजी रोटी को उखाड़ फेंका है।

पेटलावद नगर में बुधवार दोपहर से शुरू हुई अवैध अतिक्रमण के खिलाफ दोगली कार्यवाही ने गरीबो की रोजी-रोटी को उखाड़ फेंका है। नगर के श्रद्धाजंलि चोक पर कई वर्षों से गरीब दुकानदार घुमटी से कुछ रुपये कमा कर अपना गुजर-बसर कर रहे थे। जिनके घर मे एक वक्त का चूल्हा इन्ही दुकानों से जलता है। तब जाकर उनके घर में परिवार दो जून की रोटी खाता है। ऐसे गरीब दुकानदारो पर प्रशासन की दोगली कार्यवाही के चलते मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। घुमटी के माध्यम से व्यवसाय करने वाले गरीब दुकानदारों ने रोती आंखों से अपनी पीड़ा बताते हुए बताया कि प्रशासन द्वारा बिना सूचना दिए हमारी गुमटियों के साथ तोड़फोड़ करना शुरू कर दी, हमारी दुकानों में सामान भी रखा हुआ था जिसे निकालने का समय भी हमे नही दिया गया। हमने हमारी रोजी रोटी उजड़ते देख पुलिस प्रशासन से गुजारिश की हमे हमारा सामान तो निकालने दिया जाए किन्तु पुलिस के बाहुबल के आगे हमारी एक ना चली। ओर अपना बाहुबल दिखाते हुए पुलिस हमारी आंखों के सामने हमारी रोजी-रोटी के माध्यम को उजाड़ती रही।

छोटी सी गुमटी में व्यवसाय करने वाली विधवा महिला शकंतुला चौहान ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए बताया कि में गुमटी में छोटी सी दुकान चलाकर अपने घर का गुजरबसर करती हूं किन्तु आज प्रशासन ने मुझे व मेरे परिवार को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है, मेने कल ही कुछ रुपये जमा कर दुकान के लिए सामान खरीदा था जो मेरी आँखों के सामने बर्बाद हो गया।

प्रशासनिक कहर में बर्बाद हुए गड़वाडा परिवार की सदस्य शुगनाबाई ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि हमारे छोटे-छोटे बच्चे हथौड़ा चलाकर कुछ पैसे कमाते है और इसी झोपड़ी में रहकर अपना जीवनयापन करते है,करीब 15 वर्षो से यही झोपड़ी में रह रहे है किंतु आज अचानक अतिक्रमण मुहिम के नाम पर हमारी झोपड़ी को उजाड़ दिया गया। हमारा रोजगार व घर दोनो प्रशासन ने छीन लिए है अब कड़कड़ाती ठंड में हम छोटे-छोटे बच्चो को लेकर कहा जाएगे।

पेटलावद नगर में हुई कार्यवाही नाममात्र वाहवाही लूटने का एक जरिया है, किंतु जंहा वाकई इस मुहिम की जरूरत है वह आज भी सुरक्षित है। और कार्यवाही के नाम पर गरीबो को बर्बाद कर दिया गया। छोटे-छोटे गुमटी व्यवसायियों पर कार्यवाही कर प्रशासन भले ही अपने आप को गदगद महसूस कर रहा है। किंतु आज सकेडो लोगो के परिवार पर मुसीबत आन पड़ी है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन उन भूमाफियओ पर कार्यवाई कर पायेगा जिन्होंने बड़े स्तर पर अपना अवैध साम्राज्य फैला रखा है। या सिर्फ ग़रीबो का दानापानी छीनकर प्रशासन को सुकून मिल चुका है।