भोजन को प्रतिष्ठा नहीं जरूरत समझेंगे, अन्न का सम्मान करेगे, एमडीएच स्कूल के छात्र-छात्राओ ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिलाई शपथ –

भोजन को प्रतिष्ठा नहीं जरूरत समझेंगे, अन्न का सम्मान करेगे, एमडीएच स्कूल के छात्र-छात्राओ ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिलाई शपथ –

News@- रिपोर्टर्स पेज –
पेटलावद (झाबुआ) – हम शपथ लेते हैं कि ” आज से अपनी थाली में उतना ही भोजन लेंगे जितना खा सकेंगे , हम भोजन की बर्बादी किसी भी प्रकार से नही करेगे, साथ में ऐसा करने वाले को भी रोकेंगे। शादियों में समारोह में सार्वजनिक स्थानों पर घर में भोजन को प्रतिष्ठा नही जरूरत समझेंगे। अन्न का सम्मान करेंगे। अपने घर पर भोजन प्रबंधन तन्त्र को विकसित करने में मदद करेंगे और अपने सभी साथियों, शुभचिंतकों को इसके लिए प्रेरित व प्रोत्साहित करेंगे। इसके साथ ही माह में कम से कम एक बार किसी जरूरतमंद को भरपेट भोजन कराएंगे।

उक्त शपथ महाशय धर्मपाल एमडीएच दयानंद आर्य विद्या निकेतन बामनिया के छात्र-छात्राओ ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम नगरवासियो को दिलवाई। संस्था द्वारा तकरीबन तहसील मुख्यालय के चालीस गांवो में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से शपथ दिलवाई जाएगी। जिसकी शुरूआत पेटलावद से की गई जंहा नगर के मुख्य चौराहों पर छात्र-छात्रों ने नुक्कड़ नाटक किया। आमजन से अपील करते हुए बताया कि एक किसान किस तरह से अपनी उपज को कितनी मेहनत से बड़ा करता है, तब जाकर वह अन्न के रूप में बदलता है। जिसको व्यर्थ ना बिगाड़े अन्न को प्रतिष्ठा नहीं जरूरत समझे।

इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य प्रवीण अत्रे ने बताया कि देश में बढ़ती आबादी और होती अन्न की बर्बादी को रोका जाना चाहिए शादी ब्याह में अनेकों प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं जो कि पूर्ण रूप से खाने में नहीं आते है, बने व्यंजन बर्बाद ना हो किसी जरूरतमंद को मिले आदि बातें बताई गई।

ज्ञात हो कि महाशय धर्मपाल एमडीएच दयानंद आर्य विद्या निकेतन द्वारा समय-समय पर सामाजिक हितों से जुड़ी हुई गतिविधिया संचालित की जाती है, स्कूल में शिक्षा के साथ बच्चो को संस्कार भी दिए जा रहे है। संस्था द्वारा चलाये जा रहे अन्न बचाओ नुक्कड़ नाटक की नगरवासियो ने भूरी-भूरी प्रशंसा भी की। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र – छात्राए एवं अध्यापक मनोज कुमार मालवीय, आयूषी जैन, महेंद्र पटेल उपस्थित रहे।