लोक निर्माण विभाग (PWD) एसडीओ का जांच प्रतिवेदन संदेह के घेरे में, तत्कालीन एसडीओ उपयंत्री को लगी बचाने में –

लोक निर्माण विभाग (PWD) एसडीओ का जांच प्रतिवेदन संदेह के घेरे में, तत्कालीन एसडीओ उपयंत्री को लगी बचाने में –

News@- दिलीप मालवीय
बामनिया (झाबुआ) – तत्कालीन सरकार में वर्ष 2013 में पेटलावद विकासखंड के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग पेटलावद द्वारा बनाए गए गोदडीया से करनगढ़ मार्ग की लंबाई 3. 30 मीटर लागत 38 लाख 61 हजार रुपए में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत वर्तमान कलेक्टर झाबुआ को की गई थी उक्त मार्ग में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए कलेक्टर झाबुआ ने कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग झाबुआ को करने के लिए आदेश जारी किए गए थे कार्यपालन यंत्री द्वारा अनुविभागीय अधिकारी पेटलावद को जांच करने के लिए कहा गया था अनुविभागीय अधिकारी पेटलावद द्वारा जांच की गई थी जिसका जांच प्रतिवेदन शिकायतकर्ता द्वारा प्राप्त किया गया जांच प्रतिवेदन में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं अनुविभागीय अधिकारी पेटलावद के जांच प्रतिवेदन में बताया गया कि 25 सौ मीटर के लगभग पूर्व में डामर किया गया था जो मूल्यांकन रिपोर्ट में भी दर्ज है साथ ही जांच प्रतिवेदन में बताया गया कि BT TO WBM का कार्य भी 25 सौ मीटर के लगभग किया गया है ग्रामीणों एवं शिकायतकर्ता द्वारा जब जांच प्रतिवेदन की वास्तविकता जानने के लिए गोदडीया से करनगढ़ मार्ग पर लेजर टेप लेकर नापा गया तो 25 सौ मीटर के लगभग डामर जांच प्रतिवेदन में दर्शाया गया था वह नापने पर 2110 किलोमीटर ही पाया गया जबकि बीटी टू डब्ल्यूबीएम बताया गया था जांच प्रतिवेदन मूल्यांकन रिपोर्ट में दर्ज है वह पूर्व में ही वरदा सरपंच द्वारा किया गया था जांच प्रतिवेदन से स्पष्ट होता है कि वर्तमान एसडीओ द्वारा तत्कालीन एसडीओ एवं उपयंत्री को बचाया गया है जबकि तत्कालीन कार्यपालन यंत्री झाबुआ भी जांच के घेरे में है क्योंकि कार्य पूर्ण हो जाने पर फाइनल पेमेंट कार्यपालन यंत्री द्वारा कार्य स्थल पर जाकर जांच करने पर ही किया जाता है पूर्व में भी समाचार पत्रों में वर्तमान एसडीओ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ चुके हैं कहीं न कहीं जांच प्रतिवेदन से यह स्पष्ट होता है की जांच में भी बड़े स्तर पर घपला हुआ है।