खंडहर में तब्दील हुआ लाखो रुपये की लागत से बना दूरभाष केंद्र, जंहा होना था अधिकारियों को वहां बेठेते है मवेशी, लापरवाही की भेंट चढ़ा लाखो रुपये का भवन –

खंडहर में तब्दील हुआ लाखो रुपये की लागत से बना दूरभाष केंद्र, जंहा होना था अधिकारियों को वहां बेठेते है मवेशी, लापरवाही की भेंट चढ़ा लाखो रुपये का भवन –

News@- राजेश राठौड़ –
रायपुरिया (झाबुआ) रायपुरिया-राजगढ़ मार्ग पर बना दूरभाष केंद्र भवन खंडहर में तब्दील हो गया है। हालात यह है कि बिल्डिंग पर लगे दरवाजे ही गायब हो गए है। भवन पर अंदर बड़े-बड़े पेड़-पौधे उग चुके हैं। लाखों रुपए की लागत से बने हुए भवन के कमरों में मवेशी बंधे हुए रहते हैं। विभाग घोर लापरवाही के चलते भवन की यह स्थिति निर्मित हुई है।

15 साल पहले रायपुरिया-राजगढ़ मार्ग रायपुरिया के समीप दूरभाष केंद्र भवन का निर्माण किया गया था। ग्रामीणजनों को उम्मीद थी कि नए भवन पर दूरभाष केंद्र स्थापित हो जाएगा ताकि बीएसएनल टावर भी लग जाएगा और कवरेज अच्छा मिलेगा टेलीफोन बिल भी वही भरे जाएंगे, लेकिन उद्घाटन के पहले ही भवन खंडहर में तब्दील हो गया ना तो टावर लगा ना कभी ऑफिस चालू हुआ। विभाग द्वारा बाउंड्री वाल बनाई गई थी उसे भी अज्ञात लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया गया। आज वह भवन वीरान हो चुका है। केंद्र सरकार की इस योजना को किस तरह अधिकारियों ने लापरवाही की भेंट चढ़ा दिया, यह देखने लायक है। ऐसा लगता है कि निजी कंपनी मोबाइल नेटवर्क में आगे होने से सरकार की बीएसएनएल कंपनी पीछे रह गई समय रहते इस दूरभाष केंद्र पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में इस जगह पर अतिक्रमण भी हो सकता है। कभी भी बीएसएनएल कंपनी के अधिकारियों ने निरीक्षण नहीं किया और ना ही दूरभाष केंद्र के एसडीओ ने इस और ध्यान दिया आज सरकार को लाखों रुपए का चूना लग गया है। पुरानी कहावत है की अगर ढोर सुने छोड़ देते हैं तो बागड़ का नुकसान अवश्य होता है ऐसा ही उदाहरण रायपुरिया दूरभाष केंद्र का हुआ।