लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन एसडीओ उपयंत्री ने किया भारी भ्रष्टाचार, मामला उजागर होने के बाद भी कार्यवाई नही, मामला गोदडिया से मोईचारणी मार्ग का –

लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन एसडीओ उपयंत्री ने किया भारी भ्रष्टाचार, मामला उजागर होने के बाद भी कार्यवाई नही, मामला गोदडिया से मोईचारणी मार्ग का –

News@- दिलीप मालवीय
बामनिया (झाबुआ) आदिवासी जिला होने के कारण इस जिले में अधिकारी आने के लिए बड़ी रकम देकर पदस्थ होते हैं एवं ट्रांसफर की राशि सहित काली कमाई करने के लिए यह अधिकारी बिना बेखोफ केंद्र शासन  एवं राज्य शासन द्वारा आदिवासियों की योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार वर्षों से करते चले आ रहे हैं भ्रष्टाचार की राशि के रास्ते ही यह अधिकारी प्रमोशन भी बड़ी आसानी से लेनदेन कर प्राप्त कर लेते हैं इसका ताजा उदाहरण लोक निर्माण विभाग पेटलावद के अंतर्गत गोदडीया से मोवीचारणी मार्ग पर देखने में आया था इस भ्रष्टाचार की खबर जिले में बैठे समाचार पत्रों ने भी गंभीरता से लिया था एवं तत्कालिन कार्यपालन यंत्री एवं वर्तमान कार्यपालन यंत्री झाबुआ पर भी गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप जाॅच नहीं करने पर लगाये गये थे। समाचार पत्रो में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किये गये थे एवं जिनमें लिखा गया था कि वर्तमान तकनिकी जिला अधिकारी का दायित्व यह बनता था कि वह अपने क्षेत्र में हुऐ भ्रष्टाचार संबंधित कलेक्टर के आदेश का पालन करे। परंतु भ्रष्ट अधिकारीयों ने सारी सीमाओं को पार करते हुऐ लोक निर्माण विभाग म.प्र. शासन भोपाल के आदेशो का पालन नहीं करते हुऐ बली के बकरे के रूप में एसडीओ. एवं उपयंत्री का सहारा लिया जबकि जाॅच प्रतिवेदन में स्पष्ट हैं कि श्रीमान कही से कही तक उक्त मार्ग को देखने के लिये नहीं गये। जहां पर वर्ष 2013 में इस मार्ग की लागत 38 लाख 58 हजार रुपए 3.30 कीलो मीटर मैं यह रोड का निर्माण होना था जिसमें डीपीआर के अनुसार डब्ल्यूबीएम बीटी कंप्लेक्शन सहित पूरे रोड पर डामर का कार्य होना था लेकिन भ्र