काशी पहुंचने से पहले अरुण पाठक ने दिया बड़ा बयान

काशी पहुंचने से पहले अरुण पाठक ने दिया बड़ा बयान

वाराणसी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना के लिए प्रचार करने गए हिंदूवादी नेता अरुण पाठक अपने बयान से एकबार फिर चर्चा में आये थे। लेकिन जिस तरह से उनके बयान के बाद प्रतिक्रिया हुई उससे कही न कहीं कमलेश तिवारी हत्याकांड की पुनरावृत्ति की गंध आने लगी। अरुण पाठक के परिवार वाले डर गए और उन्होंने शासन प्रशासन से सुरक्षा की मांग कर दी। लेकिन अरुण पाठक अपने बयान पर डंटे रहे और अपने धर्म पत्नी को सुरक्षा की भीख न मांगने की नसीहत देते रहे। लगभग महीने भर बाद काशी आ रहे अरुण पाठक से जब उनको दी जाने वाली धमकियों के बारे में बातचीत की गई तो उन्होंने वही बातें दोहराते हुए कहा कि उन्हें अपने जान का डर नही है। जो धमकी दे रहे हैं वो अपना काम करें। हिंदुत्व के लिए अगर जान भी चली जायेगी तो कोई गम नहीं। जब अरुण पाठक से पूछा गया कि उनका हश्र भी कमलेश तिवारी जैसा करने की धमकी दी जा रही है। इसपर उन्होंने कहा कि भारतभूमि में हिंदुत्व की लड़ाई लड़ने वाला मरता नहीं है। एक अरुण पाठक मरेगा तो करोड़ों पैदा होंगे और अरुण पाठक को मार सकते हैं उसके विचारों को नहीं।