तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस चौकी बामनिया एवं सरपंच बामनिया के चक्कर लगा-लगा कर महिला हुई परेशान, प्रशासन मौन, कब्जाधारी अल्पसंख्यक मोर्चे का उपाध्यक्ष –

तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस चौकी बामनिया एवं सरपंच बामनिया के चक्कर लगा-लगा कर महिला हुई परेशान, प्रशासन मौन, कब्जाधारी अल्पसंख्यक मोर्चे का उपाध्यक्ष –

News@- दिलीप मालवीय –
बामनिया (झाबुआ) – कहने वाले कहते हैं कि पैसों वालो का सब होता हैं गरीबो का कोई नहीं। यह प्रथा वर्षाे से चालु हैं। आदिवासी बहुल इलाका होने के कारण जिले में दंबंगों द्वारा शासकीय जमीन एवं रोडो पर कैसे कब्जा किया जाता है। इसका ताजा उदाहरण बामनिया ग्राम पंचायत में चंद वोटो के चक्कर में बिकने वाले कब्जेधारी अपनी सफेद पौषाक की आड में करते हैं। मामला पटवारी हल्का नं. 01 6/936 आबादी 6/936 सर्वे नं कि भूमि होकर शासकीय जमीन थी। जिस पर कुछ वर्ष पूर्व धापु बाई के नाम से चली आ रही थी। एवं इसके पिछे वाले भाग अमरगढ रोड पर नीजी जमीन चली आ रही थी। लेकिन अल्पसंख्यक मोर्चे के उपाध्यक्ष ने ग्राम पंचायत के बनाये गये पाॅच लाख के रोड पर अपनी भैसों, गायों एवं बकरीयों, भेडों को पूरे रोड पर बांद कर, रोड पर पूरी आवा-जाही ही जाम कर देता हैं। यह व्यक्ति यहाॅ पर ही नहीं रूका यह अमरगढ रोड पर रहने वाले करीबन आठ से दस घरों के पीछवाडे भी कब्जा करके उन घरो की पीछे की सीमा पुरी ही बंद कर दी हैं। साथ ही इसके द्वारा पटवारी हल्का नं. 01 6/936 आबादी 6/936 सर्वे नं कि भूमि पर रोड निकला हुआ हैं जो सोसाईटी मार्ग से होता हुआ पवीत्र स्थान राम मंदीर तक जाता हैं उस पर भी अपनी भैसों, गायों एवं बकरीयों, भेडों को बांध रखा है और सीसी रोड के नगदीक ही अवेध रूप से पतरे डाल कर कब्जा कर रखा हैं। जिसकी शिकायत पूर्व में भी आसपास के रहवासीयों ने कर रखी है यह अपनी भैसों, गायों एवं बकरीयों, भेडों को यहीं पर बांध के रखा है जबकि पशुपालन विकास विभाग शब्द जैसे कि भेड़ बकरियों को अधिक होने के कारण 3 से 4 किलोमीटर के दायरे के बाहर खा जाए।