प्रशासनिक मुखबिरों की जान खतरे में, रात के अंधेरे में हो रहा था अधूरे पड़े तालाब का निर्माण, मुखबीरो ने जनपद सीईओ को दी सुचना तो सीईओ ने सरपंच के समक्ष कर दिये मुखबीरो के नाम उजागर –

प्रशासनिक मुखबिरों की जान खतरे में, रात के अंधेरे में हो रहा था अधूरे पड़े तालाब का निर्माण, मुखबीरो ने जनपद सीईओ को दी सुचना तो सीईओ ने सरपंच के समक्ष कर दिये मुखबीरो के नाम उजागर –

News@ – Kr. SHAN THAKUR
पेटलावद (झाबुआ) – जनपद क्षेत्र में भ्रष्टाचार चरम पर है। लाखो रुपये से होने वाले निर्माण कार्यो में अधिकारियों एवं पंचायत सरपंच – सचिव द्वारा जमकर बंदरबाट की जा रही है। क्षेत्र में तालाब निर्माण, शोचालय निर्माण, आवास निर्माण सहित सड़को के निर्माण आदि में जमकर भ्रष्टाचार किया है जा रहा है। जिसका सीधा उदहारण शनिवार रात देखने को मिला।


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मामला पेटलावद जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बनी का है। जंहा पिछले वर्ष 13 लाख से अधिक की लागत से पंचायत द्वारा तालाब का निर्माण किया गया था। जिसमे पूर्ण रूप से अनियमिमता ओर भारी भ्रष्टाचार किया गया था। साथ ही तालाब का पूर्ण रूप से निर्माण भी नही हो सका था। जिस वजह से तालाब में पानी का स्टोरेज भी नही हो पाया। अत्यधिक वर्षा के बाद भी तालाब सूखा ही पड़ा रहा है। तालाब निर्माण के वक्त जिन मजदूरों ने मजदूरी की थी उन्हें भी आज तक मजदूरी नही मिल सकी। अब एक वर्ष बीत जाने के बाद अचानक शनिवार रात करीब 10 बजे पंचायत द्वारा जेसीबी मशीन से रात के अंधेरे में अधूरे पड़े तालाब का निर्माण शुरू करवा दिया गया। जिसकी सूचना ग्रामीणों को लगी कि रात के अंधेरे में पंचायत द्वारा अधूरे तालाब को ताबड़तोड़ तैयार किया जा रहा है। तो ग्रामीणों ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए तत्काल जनपद सीईओ एन.एस चौहान को मोबाइल पर सुचना दी। परन्तु कार्यवाई करने की जगह सीईओ ने सरपंच को फोन कर शिकायतकर्ताओं के बारे में जानकारी दे दी है। ओर मौके पर निर्माण कार्य जारी रहा।

सीईओ पर आरोप –
ग्रामीण अम्बाराम पाटीदार एवं पंच शांतिलाल पाटीदार सहित अन्य ग्रामीणों ने सीईओ पर आरोप लगाया है कि हमारे द्वारा रात्रि में जेसीबी से हो रहे निर्माण के बारे में सीईओ साहब को फोन कर जानकारी दी गई थी की यंहा जेसीबी से अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा है, आप मामले को दिखवाकर कार्यवाई करे, किन्तु सीईओ साहब द्वारा सरपंच को सूचना दे दी गई कि हमारे द्वारा शिकायत की गई है। साथ ही अब तक कोई भी अधिकारी मौके पर जांच हेतु नही पहुँचा है।

मामले में देखा जाए तो प्रशासनिक मुखबिर बनकर ग्रामीणों ने अवैध तालाब निर्माण की सुचना जिम्मेदार अधिकारी को इस विश्वास के साथ दी थी कि अधिकारी द्वारा अवैध तालाब निर्माण पर तत्काल कोई कार्यवाई की जाएगी और पंचायत द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार को रोका जा सकेगा किन्तु कार्यवाई के नाम पर शून्य है। ग्रामीणों में अधिकारियों के प्रति आक्रोश भी देखा गया।

अधिकारियों और पंचायत की मिली भगत से होता है जमकर भ्रष्टाचार –
क्षेत्र में इसी तरह अधिकारियों और पंचायतो की मिलीभगत से जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है, जिस तरह सीईओ ने कार्यवाई ना करते हुए मुखबीरो को खतरे में डाल दिया है, इससे यही प्रतीत होता है कि अधिकारियों और पंचायत के सरपंच सचिव में कितनी मिलीभगत है। क्षेत्र में ऐसे कई बड़े भ्रष्टाचार चरम पर है जिन पर जिलास्तर से जांच कर कार्यवाई करना चाहिए क्योकि स्थानीय जनपद स्तर पर देखा जाए तो सिर्फ भ्रष्टाचार है। हमारे द्वारा लगातार शोचालय निर्माण में हुए भ्रष्टाचार को भी उजागर किया जा रहा है, जिससे जनपद में बेठे भ्रष्ट अधिकारियों की सच्चाई सबके सामने आ रही है।

सीईओ बोले –
हमारे द्वारा ग्रामीणों के आरोपों को लेकर सीईओ एन.एस चौहान से चर्चा की गई तो उनका कहना है कि में बाहर हु ग्रामीणों द्वारा मुझे सुचना दी गई थी, में मामले को दिखवाता हु। अभी मुझे मामले की जानकारी नही है।

सरपंच के बोल –
वही ग्राम पंचायत सरपंच का कहना है कि जेसीबी भी तो चली थी साहब का फोन आने के तुरंत बाद हमारे द्वारा जेसीबी मशीन को मौके से हटवा दिया गया था, आप ग्रामीणों को बोल देना खबर लग गई है, बाकी अपन बाद में देख लेंगे।