ब्रहालीन परम पूज्य गुरुदेव ज्योतिषचार्य पंडित श्री रामप्रपन्न जी वैष्णव का अवतरण दिवस धूमधाम से मनाया गया, दिशा टी.वी. पर हुआ लाइव प्रसारण –

ब्रहालीन परम पूज्य गुरुदेव ज्योतिषचार्य पंडित श्री रामप्रपन्न जी वैष्णव का अवतरण दिवस धूमधाम से मनाया गया, दिशा टी.वी. पर हुआ लाइव प्रसारण –

News@- चरणसिंग लववंशी –
तारखेड़ी (झाबुआ) –  श्री विश्व मंगल धाम तारखेडी में ब्रहालीन परम पूज्य गुरुदेव ज्योतिषचार्य पंडित श्री रामप्रपन्न जी वैष्णव अवतरण दिवस पर भक्तौ एव सेवा मंडल द्वारा परंपरागत आस्था, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान किये  छप्पन भोग लगें तो कहीं सामूहिक सुंदरकांड पाठ किया गया। दौरान हवन, पूजन, कन्या भोज का आयोजन भी किया हनुमान मंदिरों में तैयारियां तीन में चल रही थी। भक्तो में भी जबर्दस्त उत्साह था।

क्या है तारखेडी धाम की विशेषता –
पेटलावद तहसील का प्राचीन तीर्थस्थल विश्वमंगल हनुमान धाम आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां हनुमान जयंती पर भक्तों का मेला लगता है। प्रति मंगलवार को भी प्रदेश सहित सीमावर्ती गुजरात व राजस्थान राज्य से श्रद्धालु दर्शन के लिए यहां पहुंचते है। मूर्ति की स्थापना के दिन से प्रारंभ हुआ पूजा का क्रम अनवरत जारी है। यहा प्रति मंगलवार, अश्विन व चैत्र नवरात्रि, गुरु पूर्णिमा और हनुमान जयंती पर विश्वमंगल हनुमान का अभिषेक कर चोला चढ़ाया जाता है। कलश स्थापना, पीठ पूजा, श्री हनुमंत स्त्रोत के पाठ के बाद धूप नैवेद्य अर्पण करते है। दोपहर 1 बजे भगवान की द्वितीय आरती की जाती है। इसके बाद गुरुदेव महाराज द्वारा पूजित तथा मंत्रित विश्वमंगल हनुमानजी महाराज के आयुध गदा को यज्ञ कुंड के समीप सामूहिक रूप से भक्तों को बैठाकर मानसिक रूप से सीताराम नाम का जाप करवाते हुए उनके पूरी शरीर पर घुमाया जाता है। विश्वमंगल धाम सिद्ध तीर्थ है। भक्त मनोकामना के लिए 5 मंगलवार दर्शन के लिए आता है तो उसकी इच्छा पूर्ण होती है। इसी दिन भक्त यहां से गुरु प्रसादी स्वरूप प्रदत्त पूजन का मंत्रित जल, रक्षासूत्र एवं भगवान की गदा का आशीर्वाद लेते हैभगवान विश्वमंगल ने स्वामीजी रामप्रपन्नाजी वैष्णव महाराज को स्वप्न में भगवान ने दर्शन देकर वर्तमान स्थान का एहसास काराया था। इसके बाद 8 मई 1957 को खुदाई की गई तो भगवान हनुमान की मूर्ति निकली। इसके बाद 12 मई 1957 को श्रीराम मारुति यज्ञ के साथ स्वामीजी ने भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा की और तीर्थ को नाम दिया श्री विश्वमंगल हनुमान धाम। मंदिर में 1971 से अखण्ड ज्योत प्रज्जवलित है।

समस्त कार्यक्रम का सीधा प्रसारण  सुबह 8 बजे से दिशा टी.वी पर लाईव किया गया था जिससे पूज्य गुरुदेव ज्योतिषचार्य पंडित श्री रामप्रपन्न जी वैष्णव अवतरण दिवस पर भक्तौ ने कई सभी जिले, राज्यो मे घर बैठ कर दिव्य दर्शऩ किये गये।