बीएसडब्ल्यू कक्षाएं बंद होने से कई छात्र – छात्राओं का भविष्य अंधेर में –

बीएसडब्ल्यू कक्षाएं बंद होने से कई छात्र – छात्राओं का भविष्य अंधेर में –

News@- चरणसिंग लववंशी –
बोलासा (झाबुआ) – झकनावदा क्षेत्र के प्रत्येक गांव स्तर से छात्र – छात्रा बीएडब्ल्यू कोर्स में सम्मिलित हुए थे। मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित बीएसडब्ल्यू कोर्स की कक्षाएं फिर से शुरू नहीं हो रही ये कक्षाएं पिछले वर्ष मेें बंद हो गईं थीं। राज्य शासन के निर्णय के बाद छात्र-छात्राओं को राहत मिलेगी। यह जरूर हो गया कि इन कक्षाओं को लेने वाले मेंटर्स दिखाई नहीं दें रहे थे बल्कि उनके स्थान पर कॉलेज के अतिथि विद्वान नजर आते थे

महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट सतना से संबंद्ध ये कक्षाएं विगत चार वर्ष से संचालित थीं। इस पाठ्यक्रम में कक्षा 12वीं के बाद स्कूल छोड़ चुके छात्रों को उच्च शिक्षा के माध्यम से जोडकऱ उनकी क्षमताओं को विकसित करने के साथ ही समाज की मुख्य धारा से जोडऩा शामिल था।

इस शैक्षणिक सत्र 2018-19 में इस कोर्स की 17 कक्षाएं ही हो पाईं थीं कि पिछले वर्ष में इसे अचानक बंद कर दिया गया। इससे जिले के सभी विकासखंडों के कई छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। इसके साथ जिले के कई मेंटर्स को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। छात्रों के भविष्य को अधर में देखते हुए मेंटरो और छात्रों ने लगातार शासन स्तर पर प्रयास किए और एक दर्जन से अधिक ज्ञापन भी सौंपे। इसका नतीजा है कि उच्च शिक्षा विभाग ने चार माह से बंद कक्षाओं को दोबारा शुरू करने के आदेश जारी किया। इस आदेश में अब तक कक्षा लेते आ रहे मेंटर्स के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया है। शासन द्वारा इन कक्षाओं का जिम्मा कॉलेज के अतिथि विद्वानों को सौंप दिया गया है। ये कोर्स शासकीय महावीर महाविद्यालय पेटलावद में संचालित होंती थी पेटलावद तहसील के सभी ग्राम पंचायत के गरीब परिवार के छात्र – छात्राओं ने प्रवेश लिया था। अतिथि विद्वानों को 500 रुपए प्रति कक्षा के मिलते थे।

अब नहीं हों रहे नए प्रवेश –
बीएसडब्ल्यू कक्षा में नवीन विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है इस शैक्षणिक सत्र के अंत में वर्तमान में प्रथम वर्ष के छात्रों को सर्टिफि केट और द्वितीय वर्ष के अध्ययनरत छात्रों को डिप्लोमा कोर्स का विकल्प प्रदान किया जाना था संपूर्ण गतिविधियों के संबंध में संबंधित विश्वविद्यालय ही आदेश जारी करता था वर्ष 2019-20 और 20-21 के कोर्स के लिए बजट का प्रावधान उच्च शिक्षा विभाग द्वारा किया था।

मेंटर्स को अब भी आर्थिक नुकसान –
बीएसडब्ल्यू कोर्स का संचालन जिले के सभी विकासखंडों में मेंटर्स द्वारा किया जा रहा था, जिन्हें पिछले शैक्षणिक सत्र तक छह हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलता था। इस शैक्षणिक सत्र में मेंटर्स को जुलाई से अगस्त तक कक्षाओं की मानदेय राशि का भुगतान नहीं हो पाया। पिछले वर्ष से फिर कक्षाएं बंद होने से मामला लटक गया। पहले यह कक्षाएं जन अभियान परिषद के माध्यम से संचालित होती थी अब शासन के निर्णय से इस कोर्स से मेंटर्स की भूमिका ही समाप्त कर दी गई है।

बीएसब्ल्यू समन्वयक
नोडल अधिकारी.. डॉ किरण दुबे, शासकीय महावीर महाविद्यालय पेटलावद – जैसे ही महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट सतना से आदेश के अनुसार पुनः बीएडब्ल्यू कक्षाएं शुरू कर दी जाएगी।