आचार्य श्री तुलसी के 106 वे जन्मदिवस अणुव्रत दिवस पर आयोजित हुआ कार्यक्रम –

आचार्य श्री तुलसी के 106 वे जन्मदिवस अणुव्रत दिवस पर आयोजित हुआ कार्यक्रम –

News@- रिपोर्टर्स पेज –
पेटलावद (झाबुआ) – मानव जीवन मे व्याप्त अंधकार को दूर करने के लिए अणुव्रत मशाल के समान कार्य करता है।अणुव्रत प्रकाश पुंज के समान कार्य करता है।
अणुव्रतों के प्रकाश को फैलाने के लिए आचार्यश्री तुलसी देश भर की पदयात्राएं करते रहे। अणुव्रत का मुख्य सन्देश भी यही है कि हम खुद के जीवन को बदले।
उक्त आशय के उदगार श्री जैन श्वेताम्बर तेरापन्थ धर्मसंघ के 11 वे अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री सम्यकप्रभाजी ने आचार्यश्री तुलसी के 106 वे जन्मदिवस अणुव्रत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए।आप आज निजी गार्डन खूशबू पैलेस में आचार्यश्री तुलसी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रमके दौरान बोल रहे थे। आपने कहा कि आज अपेक्षा है कि मनुष्य सही अर्थों में मनुष्य बने।आचार्यश्री तुलसी एक साहसी ,निर्भीक और भयंकर विरोधों में भी सच्चाई के पथ पर अडिग रहने वाले महापुरुष थे। उन्होंने विरोधों की स्थिति को भी समता से सहन किया।
आपने वर्तमान समय मे युवाओ में बढ़ते व्यसन यानी नशे की प्रवत्ति और महिलाओं के फ़ैशन के बढ़ते सघन आकर्षण को जीवन के लिए घातक बताते हुए जीवन मे संयम रखने, सादगीपूर्ण और नशामुक्त जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान की।
आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झाबुआ -अलीराजपुर -रतलाम क्षेत्र के सांसद श्री गुमानसिंहजी डामोर ने कहा कि आचार्य श्री तुलसी ने मानव समाज को जीने की नई दिशा प्रदान की। आपने जीवन जीने की जो शिक्षाएं प्रदान की वो अपने आप मे अदभूत है। अणुव्रत के नियमो का ईमानदारी से पालन हमारे जीवन को कष्टमुक्त व शोक मुक्त करता है। आपने कहा अणुव्रत जीवन मे ईमानदारी रखने ,संयमित जीवन जीने और नशामुक्त जीवन की प्रेरणा देता है।
जिस समाज मे ये गुण प्रधानता से पाए जाते है उस समाज मे अपराध स्वयं कम हो जाते है। आपने विगत सितम्बर माह में तेरापन्थ धर्मसंघ के 11 वे अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी के बेंगलोर पहुचकर दर्शनों के अवसर को जीवन का महान सौभाग्य बताया।
आपने कहा कि मैं राजनीति के माध्यम से कुछ ऐसा करना चाहता हूँ जिससे समाज की नई पीढ़ी को नई दिशा मिल सके। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी श्री के नवकार महामन्त्र उच्चारण से हुआ। कार्यक्रम संचालन साध्वी श्री मलयप्रभाजी व तेरापंथी सभा के मंत्री लोकेश भण्डारी ने किया।अपने संयोजकीय वक्तव्य में साध्वी मलयप्रभाजी ने कहा कि अणुव्रत जाति ,वर्ण ,सम्प्रदाय ,भाषा के भेदों से परे मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा देता है। आचार्यश्री तुलसी ने सही अर्थो में हमे जीना सिखाया। इससे पूर्व सुबह सभी समाजजन निर्धारित गणवेश में तेरापन्थ भवन से अणुव्रत रैली के रूप में संयम ही जीवन है ,अणुव्रतों का यह सन्देश -व्यसन मुक्त हो सारा देश जैसे नारे लगाते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुचे। मंगलाचरण मुदित पटवा ने किया। इस अवसर पर साध्वी श्री वर्धमानयशाजी ,एडवोकेट राजेन्द्रजी व्यास ,तेरापंथी सभा के अध्यक्ष झमकलाल भण्डारी ,तेरापंथी महासभा के आंचलिक प्रभारी दिलीप भण्डारी,महिला मंडल ने गीत ,कन्यामण्डल ने अणुव्रत गुलदस्ता ,ज्ञानशाला के बच्चों ने रोचक कव्वाली ,तेरापन्थ युवक परिषद अध्यक्ष प्रमोद मेहता ,तेरापन्थ महिला मंडल अध्यक्ष मनीषा पटवा ,फूलचंद कांसवा ,श्रेया पटवा ,सचिन मूणत,पंकज मेहता (दाहोद) ने अपनी भाव अभिव्यक्ति दी।आभार पवन भण्डारी ने किया। कार्यक्रम में सांसद श्री जी एस डामोर ,भाजपा जिला अध्यक्ष ओम शर्मा, श्री सुरेन्दसिंह मोटा पाला ,एडवोकेट बलदेवसिंह राठौर ,कृष्णपालसिंह गंगाखेड़ी आदि उपस्थित थे। तेरापंथी सभा की ओर से बेच लगाकर अतिथियो का स्वागत किया गया।