अजब बोराली में बाबुलाल का गजब कारनामा, 6 सदस्यों का परिवार खुले में शौच करने को मजबूर, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की तो गरीब परिवार को कर दिया अपात्र घोषित, बाबुलाल का कारनामा फिर हुआ उजागर –

अजब बोराली में बाबुलाल का गजब कारनामा, 6 सदस्यों का परिवार खुले में शौच करने को मजबूर, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की तो गरीब परिवार को कर दिया अपात्र घोषित, बाबुलाल का कारनामा फिर हुआ उजागर –

News@- कुंवर शान ठाकुर –
पेटलावद (झाबुआ) – स्वच्छ भारत अभियान के तहत जंहा पूरे भारत को देश के प्रधानमंत्री शौच मुक्त करना चाहते है, ओर देश की तस्वीर बदलने हेतु लाखो करोड़ो रूपये खर्च भी कर रहे है। जिससे गरीब पिछडो को भी खुले में शौच से मुक्त किया जा सके। लेकिन मोटी तनख्वाह पाने वाले भ्रष्ट अधिकारी और पंचायतो में लूट मंचाने वाले सरपंच सचिव देश के प्रधानमंत्री के सपने को चूर-चूर कर रहे है। ओर गरीब आदिवासियों को योजनाओं से वंचित कर उनके हक पर डाका डाल रहे है।

सरकार ने 2 अक्टूबर 2019, महात्मा गांधी के जन्म की 150 वीं वर्षगांठ तक ग्रामीण भारत में 1.96 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 1.2 करोड़ शौचालयों का निर्माण करके खुले में शौंच मुक्त भारत (ओडीएफ) को हासिल करने का लक्ष्य रखा था। जिसमे ओडीएफ घोषित भी किये गए। किन्तु झाबुआ जिले के पेटलावद तहसील में स्वच्छ भारत अभियान के भ्रष्टाचारी ब्लॉक समन्वयक अधिकारी बाबुलाल परमार ने प्रधानमंत्री के सपने को तहसील में पूरा नही होने दिया आज भी गरीब परिवार शोचालय से वंचित है।

रिपोर्टर्स पेज पर हमारे द्वारा पूर्व में भी शोचालय निर्माण से जुड़े भ्रष्टाचार को उजागर किया था जिससे बाबूलाल बौखला गया था। और चारो ओर अपने हाथ पैर मारने लगा था। फिर भ्रष्टाचारी बाबुलाल के गजब कारनामे को हम आपके सामने लेकर आये है। हमने आपसे वादा किया कि अगले अंक में आपको दस्तावेजी खबर से रूबरू करवाएंगे।

मामला – पेटलावद जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत अंतखेड़ी के ग्राम अजब बोराली का है। जंहा के निवासी भरत पिता भगवानदास डामर के घर अभी तक शोचालय नही बना है। पिछले 1 वर्ष से भरत शोचालय हेतु बाबुलाल व पंचायत के चक्कर काट रहा है। किंतु अब तक उसे शोचालय नसीब नही हो पाया है। भरत द्वारा वर्ष 2018 में सीएम हेल्पलाइन नबर 181 पर शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसका शिकायत नबर 6692956 है। जिसमे भरत द्वारा बताया गया था कि उसके द्वारा 1 वर्ष पूर्व शोचालय निर्माण हेतु आवेदन किया गया था, किन्तु शौचालय नही बन पाया है। जिसको लेकर जल्द निराकरण किया जाए।उक्त शिकायत के बाद बाबुलाल ओर पंचायत द्वारा भरत पर दबाव बनाते हुए ओर शोचालय निर्माण की झूठी तस्सली देते हुए शिकायत लेने हेतु पुनः दबाव बनाया जिस पर भरत ने शिकायत वापस ले ली। किन्तु फिर कई माह गुजर जाने के बाद भी भरत के घर शोचालय नही बन पाया। जिससे नाराज भरत ने पुनः अपनी शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज करवाई। जिसका शिकायत नबर 8580320 है। शिकायत के बाद फिर बाबुलाल ने भरत को अपने कार्यालय बुलवाकर शिकायत लेने हेतु दबाव बनाया और शिकायत वापस करवाने में सफल भी हुआ। अब तक भरत के घर शोचालय नही बन पाया है। और बाबुलाल ने भरत को अपात्र घोषित कर सीएम हेल्पलाइन को निराकरण पेश कर दिया। जबकि बात करे भरत के परिवार की तो भरत डामर का परिवार बेहद गरीब है, जिसमे कुल 6 सदस्य है। भरत, भरत की धर्मपत्नी, एवं चार छोटे-छोटे मासूम बच्चे जो आज भी खुले जंगल में शौच करने को मजबूर है। भरत का परिवार मुसीबतों के बीच जीने को मजबूर है। क्योंकि खुले में शौच करने से उन्हें बीमारियों सहित जानमाल का खतरा बना रहता है। बारिश हो या ठंड इस गरीब परिवार को खुले में शौच हेतु मजबूर होना पड़ता है।

भरत ने बाबुलाल ओर पँचायत पर आरोप लगाया है कि उसके द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई गई थी जिससे नाराज बाबुलाल व पंचायत द्वारा बदले की भावना रखते हुए उसका शोचालय हेतु नाम नही जोड़ा जा रहा है।

स्वच्छ भारत अभियान के तहत बाबुलाल परमार को ब्लॉक समन्वयक अधिकारी के रूप में पदस्थ किया गया था जिसने पूरे ब्लॉक में शोचालय निर्माण में भ्रष्टाचार की परम्परा को स्थापित कर दिया। बाबुलाल अपने उजागर होते भ्रष्टाचार से बौखलाया हुआ है। अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है। सूत्रों की माने तो बाबुलाल शिकायतकर्ता को अपने कार्यालय में बुलाकर उसे हर तरह से अपने कब्जे में करने की कोशिश करता है। बाबुलाल शिकायतकर्ता को डराने धमकाने में भी पीछे नही है।

हमारे द्वारा मामले को लेकर जनपद पंचायत के सीइओ एन.एस. चौहान से भी चर्चा की गई तो उन्होंने मामले को दिखवाने की बात कही है, साथ ही अगर कोई कमियां पाई जाती है तो कार्यवाई करने की भी बात कही है।

लगातार आप पड़ते रहिए ”रिपोर्टर्स पेज” पर बाबुलाल के काले कारनामे। हर एक खबर के साथ बाबुलाल के कारनामो की खुलेगी परत-दर-परत।”