दीपावली त्योहार के अंतिम हाट बाजार में जमकर हुई खरीदारी, व्यापारियों के चेहरे खिले, हजारो की संख्या में ग्रामीण पहुचे हाट-बाजार –

दीपावली त्योहार के अंतिम हाट बाजार में जमकर हुई खरीदारी, व्यापारियों के चेहरे खिले, हजारो की संख्या में ग्रामीण पहुचे हाट-बाजार –

News@- राजेश राठौड़ –
रायपुरिया (झाबुआ) – 27 अक्टूबर रविवार को दीपावली त्योहार के अंतिम हाट बाजार मे जमकर खरीदारी की गई। व्यापारियों ने सुबह 4 बजे से हाट बाजार के मैदान में अपनी-अपनी दुकानें लगाने लग गए थे क्योंकि उन्हें मालूम था कि आज अंतिम बाजार होने से सैकड़ों व्यापारी अपना व्यापार करने आएंगे इसलिये जगह नही मिलेगी। आज 6 वर्षों के बाद रविवार को दीपावली का पर्व आया। कई व्यापारियों के यहां पर यह स्थिति थी कि उनकी दुकानों पर पैर रखने की जगह तक नहीं थी हाट बाजार में व्यापार खूब चला व पूरा बाजार गुलजार हुआ व्यापारियों के चेहरे खिले क्योंकि सुबह हल्की बूंदाबांदी होने व्यापारियों में मायूसी छाने लग गई थी लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया मौसम भी बदलता गया कभी बूंदाबांदी के छींटे आने लग जाते थे अबकी बार मेले में जो भीड़ रहती है उससे कई गुना भीड़ देखी गई त्योहारिया हाट बाजार को देखते हुए ग्राम पंचायत ने रात्रि में हाठ बाजार मैदान पर चुने की लाइन डालकर व्यापारियों को चुने के बाहर दुकान नहीं लगाने की अपील की गई थी ताकि अंचल से ग्रामीण जन जब हाट बाजार में खरीददारी करने आए तो उन्हें कोई तकलीफ ना हो ऐसा ही कार्य रायपुरिया पुलिस ने किया सुबह से ही पुलिस जवान ट्रैफिक व्यवस्था दुरूस्त करने में व्यस्त रहे जगह-जगह पर बेरीगेट्स लगा रखे थे ताकि खरीदारी करने आए ग्रामीणों को परेशानी नहीं उठाना पढ़े पहली बार इतनी अच्छी ढंग से त्योहारिया हाट बाजार में पुलिस प्रशासन ने व्यवस्था की ट्रैफिक को देखते हुए बसों व दूसरे अन्य वाहनों को बाईपास मार्ग से निकाला गया। गोवर्धन पूजा पर गन्ने का महत्व रहता है इसलिए गन्ना व्यापारियों ने भी अपनी-अपनी गन्ने की दुकान बहुत अधिक संख्या में लगाई थी पशुओं को सजाने का सामान व्यापारियों जमकर बेचा पशु मालिको ने अपने पशुओं को सजाने के लिए सामान खरीदा पशु मालिक गोवर्धन पूजा के दिन अपने मवेशियों को सजाते हैं व उनके ऊपर रंग से छापे भी लगाते हैं ताकि अपना मवेशी सुंदर दिख सकें हर दुकान चाहे वह फटाके की हो या मिठाइयों की या कपड़ों की सभी दुकानों पर इतनी भीड़ थी कि वह देखने लायक थी व्यापारियों को समझ में ही नहीं आ रहा था कि इतनी भीड़ कहां से आ गई शुभ मुहूर्त मैं महालक्ष्मी पूजा की गई ओर उसके बाद में आतिशबाजी की गई व एक दूसरे को दीपावली पर्व की बधाइयां दी गई।