पटाखा व्यापारी आखिर हो गए तबाह –

पटाखा व्यापारी आखिर हो गए तबाह –

News@- इमरान खान –
थांदला (झाबुआ) – शासन प्रशासन के जुल्मी रवैये व लायसेंस प्रक्रिया व दुकान आबंटन में देरी के चलते आज धन तेरस के दिन भी उठा पटक चलती रही। इस प्रतिनिधि द्वारा विगत तीन दिनों से लगातार व्यापारियों की दशा और उसके जिम्मेदार के प्रति शासन व प्रशासन को जगाने का प्रयास किया था लेकिन कुम्भकर्ण की तरह सोया प्रशासन आभी तक भी नही जागा है। एसडीएम जे एस बघेल के आरामी कार्यशैली स्थानीय जनता को प्रभावित कर रही है। हर कार्य में सांप निकल जाने पर लाठी पीटने का काम स्थानीय एसडीएम द्वारा किया जा रहा है। फिर चाहे नगर के खराब बायपास सम्बन्धी मामला हो, नव निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर के अतिक्रमण हटाने का, टोल प्लाजा के द्वारा यात्रियों को लूटने का मामला हो या फिर एट लेन रोड़ के मुआवजे कि राशि को लेकर किसानों के धरने के मामला हो। वे हर जगह विफलता की नई इबारत लिखने में लगे है। अभी पटाखा व्यापारियों का ताजा उदाहर ही देख लो। पटाखा व्यापारियों को धन तेरस के एक दिन पूर्व लायसेंस देना व दुकान को नियम विरुद्ध एक निजी खेत मे जहाँ एक ओर कब्रिस्तान के चौकीदार का परिवार रहता है, एक ढाबा भी है, वही दूसरी ओर किसान के लाखों के मवेशी रहते है यही नही उसी के निकट कुछ लोग भी निवास करते है ऐसी जगह का चयन कर दुकानों का इतिहास में पहली बार एसडीएम स्वयं द्वारा गोटी डालकर दुकानों का आबंटन किया होगा। यह सब उनकी प्रशासनिक नाकामी तो है ही उनका अप्रत्यक्ष पटाखा व्यापारियों को तबाह करने का सुनियोजित प्लान भी नजर आ रहा है। आज धन तेरस पर भी पटाखा व्यापारियों की दुकान स्थान में परिवर्तन कर उनके लिये मुसीबत बढ़ा दी है। एक ओर एसडीएम तो दूसरी ओर नगर परिषद ने भी व्यापारियों को लूटने में कोई कसर नही छोड़ी है। अस्थायी लायसेंस के लिये नोड्यूज के नाम पर पन्द्रह सौ रुपये वसूलने वाली नगद परिषद ने दुकानों के लिये कोई व्यवस्था नही की। न बिजली न पानी और न ही ग्राहकों के आने – जाने के लिये मार्ग के गड्ढो का भराव किया गया है। जब मामलें ने तूल पकड़ा तब जाकर नगरीय प्रशासन की नींद खुली व अब जाकर जेसीबी से मार्ग को सही करवाया जा रहा है।

विधायक पहुँचे मौके पर व्यवस्था पर जताया असंतोष –
क्षेत्र के विधायक वीरसिंह भूरिया को भी जब व्यापारियों के साथ होने वाले व्यवहार का पता चला तो वे स्वयं स्थिति का जायजा लेने खेत पर आए व एडीएम तहसीलदार सीएमओ द्वारा की गई व्यवस्थाओ पर असंतोष जताते हुए सभी को तुरंत व्यवस्था में सुधार लाने की बात कही।

व्यापारियों की धनतेरस भी अंधेरे में –
विधायक के द्वारा असंतोष जताए जाने के बाद भी नगरीय प्रशासन ग्राहकों के लिये लाइट कस प्रबन्ध नही कर पाया है जबकि व्यवस्था के नाम पर नोड्यूज के लिये इस विभाग ने पंद्रह सौ तक वसूले। बावजूद इसके उसने पिछले दो सालों से मेला व अन्य प्रकार का लाइटमैन रमेश सोनी को भुगतान नही किया है जिससे उसने व अन्यजनों ने भी पेमेंग की असुरक्षा का हवाला देकर काम करने से मना कर दिया है। नगर परिषद ने यहाँ केवल फायर ब्रिगेड पहुँचाई लेकिन वह भी बीती रात हुए मावठे में खेत की नमी के बीच फंस गई जिस जेसीबी द्वारा निकाला गया। एसडीएम अभी भी मौके पर मौजूद है व सीएमओ आदि से चर्चा कर बिगड़ते हालात पर अफसोस जाहिर करते हुए व्यवस्था में सुधार करवाने का प्रयास ही कर रहे है। मगर उनकी ही लेट लतीफी व गलत निर्णय ने व्यापारियों को तबाह कर दिया है।

व्यापारियों में गहरा रोष –
व्यापारियों में सभी प्रशासनिक अधिकारियों खास कर नगर परिषद सीएमओ व अध्यक्ष के प्रति गहरा रोष देखा गया है। निज स्वार्थ पूर्ति के चलते ही नगरीय प्रशासन धन तेरस तक भी यहाँ कोई व्यवस्था नही कर पाया है। व्यापारियों ने जिला कप्तान को दूरभाष आदि के जरिये इसकी शिकायत करने की बात कही है।