लोक निर्माण विभाग पेटलावद के तत्कालीन एसडीओ उपयंत्री ने किया भारी भ्रष्टाचार, वर्तमान एसडीओ फर्जी जांच प्रतिवेदन बनाकर लगी बचाने में, लोक निर्माण मंत्री कराएंगे उच्च स्तरीय जांच –

लोक निर्माण विभाग पेटलावद के तत्कालीन एसडीओ उपयंत्री ने किया भारी भ्रष्टाचार, वर्तमान एसडीओ फर्जी जांच प्रतिवेदन बनाकर लगी बचाने में, लोक निर्माण मंत्री कराएंगे उच्च स्तरीय जांच –


News@- दिलीप मालवीय –
बामनिया। झाबुआ जिला आदिवासी जिला होने के कारण इस जिले में अधिकारी आने के लिए बड़ी रकम देकर पदस्थ होते हैं एवं ट्रांसफर की राशि सहित काली कमाई करने के लिए यह अधिकारी बिना बेखोफ केंद्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा आदिवासियों की योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार वर्षों से करते चले आ रहे हैं भ्रष्टाचार की राशि के रास्ते ही यह अधिकारी प्रमोशन भी बड़ी आसानी से लेनदेन कर प्राप्त कर लेते हैं इसका ताजा उदाहरण लोक निर्माण विभाग पेटलावद के अंतर्गत गोदडीया से मोवीचारणी मार्ग पर देखने में आया है जहां पर वर्ष 2013 में इस मार्ग की लागत 38 लाख 58 हजार रुपए 3.30 कीलो मीटर मैं यह रोड का निर्माण होना था जिसमें डीपीआर के अनुसार डब्ल्यूबीएम बीटी कंप्लेक्शन सहित पूरे रोड पर डामर का कार्य होना था लेकिन भ्रष्टाचार की मोटी चमड़ी में लिप्त तत्कालीन एसडीओ गुथरिया (वर्तमान में कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग मंदसौर में पदस्थ है) एवं तत्कालीन कार्यपालन यंत्री की जिसने रोड की सीसी जारी की थी कि मिली भगत से केवल डामर ही बिछाया गया वह भी कुछ ही जगह पर जबकि रोड के दोनों छोर के बीच में 75 75 मीटर के बड़े-बड़े टुकड़े छोड़ दिए गए जिसकी शिकायत वर्षों से ग्रामीण जन करते चले आ रहे थे लेकिन सरकार के भ्रष्ट नुमाइंदों ने इस ओर कभी भी ध्यान नहीं दिया जिसकी शिकायत शिकायतकर्ता द्वारा जिला कलेक्टर झाबुआ को लिखित दस्तावेजों के साथ भी की गई थी लेकिन जिला कलेक्टर झाबुआ द्वारा इसी विभाग को यह जांच सौंप दी गई जिसके हाथ में जांच गई उस अधिकारी को रोड का तकनीकी ज्ञान नहीं होने के कारण या फिर अपने ही अधिकारियों को बचाने के कारण जांच में लीपापोती की गई

सरपंच ने की थी लिखित शिकायत –
सरपंच छगन गामड॒ ग्राम पंचायत मोईचारणी द्वारा भी लिखित आवेदन में बताया गया कि वर्ष 2013 में बनाए जा रहे इस मार्ग पर केवल विभाग द्वारा डामर ही कुछ जगह पर बिछाया गया रोड के बीच में कई जगह पर डामर नहीं बिछाया गया ना ही पुलिया का निर्माण भी नहीं किया गया इस मार्ग की जांच के संबंध में अधिकारी द्वारा मेरे कोई कथन नहीं लिए गए जबकि कई वर्ष पूर्व गोदडीया, मोवीचारणी, करनगढ़, तीनों जगह का सरपंच एक ही हुआ करता था पूर्व सरपंच द्वारा ही गिट्टी जीएसबी मार्ग का पुराने समय में ही निर्माण कार्य करवाया गया जबकि विभाग द्वारा यहां पर केवल डामर ही कुछ जगह पर बिछाया गया आज भी इस मार्ग से निकलने में परेशानी हो रही है।

ग्रामीणों ने स्टाम्प शपथ पत्र दिया कलेक्टर को जिसको जांच में भी नहीं लिया गया –
ग्राम पंचायत के ही ग्रामीण कालू डामर सहित अन्य ग्रामीणों ने शपथ पत्र के माध्यम से जिला कलेक्टर झाबुआ को इस रोड में हुए आर्थिक अनियमितताओं को लेकर अवगत कराया था जांच के दौरान अनुविभागीय अधिकारी द्वारा इस शपथ पत्र को शामिल नहीं किया गया और ना ही इनके कथन लिए गए l

शिकायतकर्ता द्वारा मय दस्तावेजों के साथ में की गई थी शिकायत –
शिकायतकर्ता द्वारा मय दस्तावेजों के आधार पर मार्ग के फोटो सहित मापदंड पुस्तिका सहित दस्तावेजों के आधार पर शिकायत की गई थी लेकिन लोक निर्माण विभाग के एसडीओ द्वारा गुपचुप तरीके से फर्जी जांच प्रतिवेदन बनाकर भ्रष्टाचार को दबाने की कोशिश की गई।

कलेक्टर झाबुआ को लिखा था पत्र अन्य विभाग से जांच कराने के लिए-
लोक निर्माण विभाग में हुए भ्रष्टाचार की जांच अन्य विभाग को करने के लिए दिनांक 11 /9/ 2019 को लोक निर्माण विभाग के अधिकारी से नहीं कराते हुए अन्य विभाग से जांच करवाई जाए पत्र लिखा था पत्र में यह बताया गया था कि अगर विभाग यह जांच करता है तो यह जांच प्रभावित होगी और आखिर जांच में लीपापोती की गई।