जनपद पंचायत थांदला द्वारा दी जा रही स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण शौचालय की भ्रामक जानकारी, बार-बार बदली जा रही सूचना के अधिकार की जानकारी –

जनपद पंचायत थांदला द्वारा दी जा रही स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण शौचालय की भ्रामक जानकारी, बार-बार बदली जा रही सूचना के अधिकार की जानकारी –

News@- दिलीप मालवीय –
बामनिया (झाबुआ) – स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण मिशन शौचालय निर्माण सहित कई मदों की राशि राज्य स्वच्छ भारत अभियान मिशन ग्रामीण मंत्रालय भोपाल से झाबुआ जिले की अलग-अलग जनपद पंचायतों में जिला पंचायत के माध्यम से जनपद पंचायत में राशि जारी की गई थी वही आईसी मद की राशि भी जनपद पंचायत में जारी की गई थी लेकिन जनपद पंचायत के ब्लॉक समन्वयक अधिकारी व अधिकारियों के द्वारा कागजों पर ही शौचालय निर्माण सहित सूचना के अधिकार के अंतर्गत जानकारी मांगने वाले आवेदनकर्ता को पहले कुछ और जानकारी उसके बाद त्रुटिवंश कुछ और जानकारी देकर संबंधित अधिकारी अपनी भ्रष्टाचार की पोल ना खुल इसके डर से जानकारी बदलने में भी देर नहीं कर रहे हैं यह कोई एक-दो जगह का मामला नहीं कई जनपद पंचायतों के अधिकारियों द्वारा जीले के एक भ्रष्ट अधीकारी के दबाव जानकारी बदल रहे हे ब्लॉक समन्वय अधिकारी का दायित्व होता है कि वह इस जिम्मेदारी भरे पद पर ग्राम पंचायतों के विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जिला पंचायत को अवगत कराएं लेकिन संबंधित अधिकारी भ्रष्ट रवैये के चलते जानकारी बदलने से भी बाज नहीं आ रहे हैं स्वच्छता ही सेवा रथयात्रा से लेकर कई मदों की जानकारी में भी इन अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार जिले की अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया है जिसमें थांदला जनपद पंचायत में भी बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है कल तक रोड पर आज करोड़पति इस योजना के नाम पर बन चुके हैं थांदला जनपद पंचायत में एक और सूचना के अधिकार के अंतर्गत आवेदन लगाकर स्वच्छ भारत अभियान मिशन अंतर्गत जनपद पंचायत से खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुकी ग्राम पंचायततो के घोषणा पत्र की जानकारी सहित ओडीएफ घोषित ग्राम पंचायतों की जानकारी मांगी गई थी क्योंकि जनपद पंचायत द्वारा ही जिला पंचायत को समय-समय पर यह जानकारी उपलब्ध करा दी जाती है लेकिन अधिकारी के भ्रष्ट रवैए के कारण सीधे ग्राम पंचायत को इस बारे में पत्र लिखा गया जबकि जनपद में रिकॉर्ड उपलब्ध है ऐसी ही जानकारी जनपद पंचायत राणापुर से मांगी गई जहां पर संबंधित अधिकारी द्वारा खुले में शौच मुक्त की जानकारी जनपद पंचायत के पत्र के माध्यम से जिला पंचायत को भेजी गई जानकारी की प्रति सूचना के अधिकार में दी गई है लेकिन थांदला व पेटलावद की भ्रष्टाचार पोल ना खोलें इस के डर से उनके द्वारा यह जानकारी नहीं दी जा रही है जिससे स्पष्ट होता कि ग्राम पंचायतों द्वारा दी गई जनपद को जानकारी जनपद द्वारा छुपाई जा रही है एवं जिला पंचायत को लिखे गए। घोषित ओडीएफ के प्रमाण पत्र को भी दबाया जा रहा है जिसकी शिकायत राज्य सूचना आयोग को संबंधित सारे दस्तावेज के साथ की जावेगी।