जान हथेली पर रख क्षतिग्रस्त घरों में रहने को मजबूर गरीब परिवार, गरीबो को नहीं मिल रहा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ

जान हथेली पर रख क्षतिग्रस्त घरों में रहने को मजबूर गरीब परिवार, गरीबो को नहीं मिल रहा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ –

NEWS@- नीतिराज सिंह राठौर –
सारंगी (झाबुआ) – सरकार भले ही गरीबों को प्रधानमंत्री आवास दिलाकर लाभांवित कराने का दावा कर रही है, परंतु अभी भी बड़ी संख्या में गरीब परिवार बारिश के महीने में गिरताऊ पुराने मकानों में जान हथेली पर रखकर रहने को मजबूर हैं। बारिश से बचने के लिए गरीब परिवारों को पन्नी का सहारा लेना पड़ रहा है।

..आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले के हालात आज भी बेहद खराब है। गरीब परिवारों को आज भी कच्चे घरों में अपना जीवन का गुजरा करना पड़ रहा है। क्षेत्र के ग्राम बोडायता में दो गरीब परिवार बारिश में क्षतिग्रस्त हुए कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ नही मिल सका आज भी योजना का लाभ पाने से यह परिवार वंचित हैं। बोडायता ग्राम के बग्गू पिता लालू गरवाल ओर राजू गरवाल के कच्चे घर की दीवारे बारिश के चलते गिर गई थी जिससे कच्चा घर क्षतिग्रस्त अवस्था मे है। ऐसी अवस्था के बीच दोनो परिवार अपनी जान को हथेली पर रख क्षतिग्रस्त घरों में रहने को मजबूर है। दोनो ही परिवार आर्थिक स्थिति कमजोर है।जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलना था किंतु अब भी वह पुराने कच्चे घरों में रहने को मजबूर है। सरकार और अधिकारियों के बड़े बड़े दावे ग्राम बोडायता में खोखले साबित हो रही है।

बिना खर्च किये नहीं मिलता लाभ –
सूत्रों की माने तो क्षेत्र के करीब-करीब सभी पंचायतों में आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करते समय कुछ खर्चा देना पडता है और लिस्ट में नाम आने के बाद मोटी रकम देना पडती है। जिसके बाद ही योजना का लाभ मिल पाता है। अगर किसी आवेदक द्वारा रूपए देने से मना कर दिया जाता है तो उसे योजना से वंचित कर दिया जाता है। यह सिलसिला करीब-करीब सभी पंचायतों में चल रहा है। जिस ओर उच्च अधिकारियों संज्ञान में लेना होगा क्योंकि स्थानीय अधिकारियों और सरपंच सचिवों की गुडबिल होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं की जाती। ऐसे में गरीब परिवारों को उनके हक से वंचित रखा जा रहा है।