क्षेत्र में जमा नवरात्रि का रंग, भक्त डूबे माता की भक्ति में, गरबा पांडालों में की गई विशेष साज-सजा –

क्षेत्र में जमा नवरात्रि का रंग, भक्त डूबे माता की भक्ति में, गरबा पांडालों में की गई विशेष साज-सजा –

News@- राजेश राठौड़ –
रायपुरिया (झाबुआ)- अंचल में माता रानी की आराधना करने में भक्तजन जुट गए हैं, आदिवासी अंचल में जहां देखो उन फलिया में माता रानी के गरबे चल रहे हैं आयोजकों ने गरबा पांडाल बडे अच्छे ढंग से सजाया है। व तरह-तरह की लाइट डेकोरेशन की गई है। 29 सितंबर से प्रारम्भ हुए नवरात्रि पर्व लेकिन बारिश ने आयोजकों को चिंता में डाल दिया है क्योंकि रोजाना शाम होते होते बारिश शुरू हो जाती है जिससे गरबा खेलने वाले व डांडिया खेलने वाले श्रद्धालुओ में थोड़ी कमी होती जा रही है। वही झाबुआ में उपचुनाव होने से आचार संहिता का डर भी सता रहा है रात्रि 10:00 बजे के बाद गरबा पांडाल ग्रामीण अंचलों में सुने हो जाते हैं क्योंकि चुनाव आयुक्त द्वारा सख्त निर्देश दे रखे हैं कि 10:00 बजे के बाद डीजे साउंड नहीं बजना चाहिए। रायपुरिया नगर में तीन जगहों पर गरबा आयोजन हो रहा है झाबुआ चौराहे पर माता रानी की मूर्ति स्थापित कर गरबे खेले जा रहे हैं रायपुरिया से 3 किलोमीटर दूर पहाड़ियों पर स्थित मां भद्रकाली व चामुंडा मां विराजमान है माता के दरबार में सुबह 3:00 बजे से ही भक्तजन दर्शन करने के लिए शुरू हो जाते हैं झाबुआ जिले का प्रसिद्ध मां भद्रकाली का वर्षों पुराना मंदिर स्थापित है मां के ऐसे कई चमत्कार पुराने बुजुर्ग बताते हैं रायपुरिया से करीबन 9 किलोमीटर दूर मोहनकोट गांव के घने जंगल मैं माँ नंदर माता की मूर्ति स्थापित है पहाड़ी वाले इलाके मैं कहते हैं कि निसंतान दंपति मां के दरबार में जाकर श्रद्धा पूर्वक मन्नत मांगते हैं तो मां उनकी मुराद सुनकर उनकी सुनी गोद भर देती है मालवा निमाड़ के श्रद्धालु प्रतिदिन माँ नंदर माता के दरबार में पहुंचते हैं व दर्शन करते हैं ऐसे कई पीड़ित भक्तजन मां के दरबार में पहुंचकर अपनी पीड़ा बताते हैं मां उनकी पीड़ा सुनकर उनका समाधान करती है यह चमत्कार आज भी जीवित है यह हमारी आंखों देखी बात हम बता रहे हैं।