सहकारी दुग्ध समिति रामगढ़ अधिक दूध उत्पादन एवं गुणवत्ता के मामले में जिले में नंबर वन इंदौर में हुआ सम्मान –

सहकारी दुग्ध समिति रामगढ़ अधिक दूध उत्पादन एवं गुणवत्ता के मामले में जिले में नंबर वन इंदौर में हुआ सम्मान –

News@- रिपोर्टर्स पेज –
पेटलावद (झाबुआ) – सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित इंदौर की वार्षिक साधारण सभा का आयोजन शुक्रवार को इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय कंपाउंड में किया गया जिसमें वर्ष 2018-19 में अत्यधिक दुग्ध क्रय एवं गुणवत्ता युक्त दुग्ध प्रदाय, पशु आहार, घी एवं कृत्रिम गर्भाधान क्षेत्र में झाबुआ जिले में प्रथम स्थान पर उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त करने पर रामगढ़ दुग्ध समिति को सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया जिसमें अध्यक्ष सुशील कुमार पाटीदार, सचिव धर्मराज पाटीदार, संघ प्रतिनिधि हरिश्चंद्र पाटीदार एवं समिति के सदस्यों ने संभागायुक्त इंदौर संभाग एवं प्राधिकृत अधिकारी सहकारी दुग्ध संघ इंदौर आकाश त्रिपाठी एवं एएन द्विवेदी मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहकारी दुग्ध संघ इंदौर के हाथों प्राप्त किया।
दुग्ध समिति के सचिव धर्मराज पाटीदार ने बताया हमारे द्वारा गुणवत्तापूर्ण एवं अच्छे से संचालित करने के लिए हमारे द्वारा समय-समय पर दूध की जांच की जाती है एवं अधिकारियों के निर्देशों का उचित पालन किया जाता है एवं किसानों को भी उचित मार्गदर्शन समय-समय पर किया जाता है। एवं बताएं पैमाने अनुसार ही किसानों के द्वारा दुग्ध प्रदान किया जाता है।
दुग्ध समिति अध्यक्ष सुशीलकुमार पाटीदार ने बताया की यह सम्मान समिति का नहीं बल्कि किसानों का एवं जिले का है वह जिला जो प्रदेश एवं देश के पटल पर पिछड़े एवं आदिवासी बाहुल्य जिले के नाम से जाता जाना जाता है और जहां पर आम नागरिकों के खाने की चीजों में महा मिलावट कर सेहत के साथ खिलवाड़ किया जाता है ऐसे समय में किसानों का यह प्रयास सराहनीय हैं।
एक तरफ शासन द्वारा खाद्य विभाग की टीम में जहां पर जिले में लगातार खाद्य पदार्थों की जांच कर छापेमारी कार्रवाई कर रही है जिसमें कई जगह खाद्य पदार्थ नियमों के विरुद्ध और खाने के अनुपयोगी प्राप्त हो रहे हैं। जोकि खाद्य विभाग के दिए पैमाने के अनुसार प्राप्त नहीं हो रहा है ऐसे समय में रामगढ़ के दुग्ध उत्पादक किसानों द्वारा गुणवत्ता युक्त दूध प्रदान करना एवं जिले में नंबर वन आकर इंदौर संभाग में समिति का सम्मान होना वाकई रामगढ़ के किसानों की उपलब्धि हैं।
वार्षिक साधारण सभा में कई प्रस्तावो का अनुमोदन किया गया जिसमें किसान हित को देखते हुए दूध के भाव में 40 पैसे प्रति किलो फैट बढ़ाने की घोषणा की गई जिसे कल 21 सितंबर से ही लागू किया जाएगा। इस हिसाब से अब दूध 650 पैसे प्रति किलो किया गया। जो पहले 610 पैसा प्रति किलो फैट लिया जाता था। यह सुनते ही किसानों ने सभा से एक स्वर में इसको तुरंत 700 पैसे प्रति किलो फैट करने की मांग रखी।
जिसके बाद संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने आगामी लक्ष्य 800 पैसे प्रति किलो फैट तक धीरे धीरे ले जाने की घोषणा की। इस हिसाब से जो गाय का दूध किसानों का अभी तक 28 से 30 रुपए लीटर मैं लिया जाता था वह अब बढ़कर 33 से 35 रुपए प्रतीक लीटर तक मिलेगा। एवं भैंस का दूध 37 से 40 रुपए प्रति लीटर लिया जाता था वह अब 42 से 45 रुपए प्रति लीटर थोक भाव में लिया जाएगा।