आज से संजा पर्व हुआ शुरू, छोटी-छोटी बच्चियों ने परंपरा अनुसार से बनाई आकर्षण संजा –

आज से संजा पर्व हुआ शुरू, छोटी-छोटी बच्चियों ने परंपरा अनुसार से बनाई आकर्षण संजा –

News@- राजेश राठौड़ –
रायपुरिया (झाबुआ) – आज से श्राद्ध पक्ष शुरू हो चुके हैं ग्रामीणजन अपने अपने पित्र देव को 16 दिन के लिए याद करते हैं उनका पिंड दान व उनकी आत्मा की शांति के लिए इन 16 दिनों में अपने अपने हिसाब से पूजा पाठ करते हैं आज से खीर पुरी बनाकर पित्र देव को भोग लगाते हैं उसके बाद कौवा को खिलाते हैं कहते हैं कि 16 दिनों के लिए पित्र देव धरती पर आते हैं और वह देखते हैं कि हमारे परिजन हमें किस तरह से याद करते हैं आज से श्राद्ध पक्ष के शुरू हो जाते हैं ग्रामीण अंचलों में संजा का दोर शुरू हो रहा है छोटी छोटी बच्चियां अपने घरों पर संजा की आकृति बनाती है व फूलों से सजाती है शाम को संजा बाई की आरती उतारती है ग्रामीण अंचलों में ऐसी कई परंपराएं आज भी यह जीवित है लेकिन पहले संजा गोबर से बनाई जाती थी लेकिन अब बाजारों से रेडीमेड बनी हुई आकृति की संजा को लाकर अपनी दीवारों पर चिपका देती है शाम को जैसे ही आरती का समय शुरू होता है 8 से 10 सहेलियां इकट्ठा होकर संजा बाई के गीत गाती है।पुराने बुजुर्ग कहते हैं कि भगवान शंकर की पत्नी पार्वती जी अपने मायके में 16 दिन के लिए रहती है जिसे संजा बाईं भी कहते हैं छोटी-छोटी लड़कियां संजा बाई के गीत संजा बाई का घर जा वांगा खीर पुरी खाऊंगा संजा तू थारा घर जा अरे बाईं मारेगा छोटी सी गाड़ी लुडकती जाए जिस में बैठा संजा बाई ऐसे गीत गाती है आरती होने के बाद प्रसादी वितरण करती है यह कार्य करीबन 16 दिन तक चलता है जहां देखो शाम के समय संजा बाई के गीत सुनाई देते हैं।