मोरपंख के जगह कान्हा के मस्तक पर शोभायमान हुआ हेलमेट

मोरपंख के जगह कान्हा के मस्तक पर क्या है

शासन प्रशासन के तमाम कोशिशों के बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालने से चूकते नहीं हैं। उन्हें न अपनी और न अपने परिवार की फिक्र है। उन्हें ये भी परवाह नही की यदि उन्हें कुछ हो जाता है तो उनका परिवार किसके भरोसे चलेगा। उनके बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे। हम बात कर रहे हैं जीवन रक्षक हेलमेट की जिसका इस्तेमाल करने से लोग कतराते हैं। शासन ने कई बार कोशिशें की कई बार जुर्माना लगाया गया लेकिन जनता नही सुनने वाली।

वाराणसी के विश्वनाथ मंदिर परिसर में कोतवाल पुरा स्थित एक खिलौने की दुकान का है जिसमे श्रीकृष्ण बकायदे हेलमेट लगाकर बाइक पर बैठे हुए हैं। श्रीकृष्ण के मस्तक से मोरपंख के जगह हेलमेट शोभायमान है। श्रीकृष्ण को मोरपंख के जगह हेलमेट लगाने के पीछे मकसद यही है कि जीवन बहुत कीमती है इसलिए हेलमेट का इस्तेमाल करें।

*मोरपंख की जगह हेलमेट पहने कान्हा दे रहे सुरक्षा का संदेश*

यातायात के नियमों के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने के लिए इस बार कलाकारों ने अनूठी पहल की है। कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर बाजार में नन्हें कान्हा मुकुट की बजाय हेलमेट पहने नजर आ रहे हैं। लोग जन्माष्टमी पर इन खिलौनों को घर में सजाने के लिए खरीदते हैं। इसके अलावा तिब्बती और विदेशी लुक वाली टोपियों में भगवान कृष्ण कहीं कैरम और लूडो खेलते दिख रहे हैं तो कहीं क्रिकेट के बल्लों के साथ हैं।


विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के यलोजोन स्थित कोतवालपुरा की एक दुकान पर कृष्ण का यह स्वरूप आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विविधतापूर्ण स्वरूपों वाली मूर्तियों की मांग भी जबरदस्त है। दुकानदार गणेश पटेल ने बताया कि परिधान में गौ माता रूप, तितली,पांच फलों से युक्त, मोर की आकृति वाले वस्त्रों की मांग भी अधिक है। कान्हा को पाश्चात्य फैशन के हिसाब से भी डिजाइन किया गया है।

कृति में कन्हैया हैट और हेलमेट लगाए दिख रहे हैं। कहीं वह भगवान शंकर के रूप में हैं तो कहीं नौका विहार करते दिखाए गए हैं। पतंग उड़ाते, पार्टी लुक में छाता लेकर टहलते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। यही नहीं कान्हा फुटबाल और बैडमिंटन खेलते भी दिखाया गया है।

रिपोर्ट : अनुज सिंह