‘कवच’ अभियान के तहत प्रशिक्षको का किया गया प्रशिक्षण

सभी बालिकाओ मे अपनी बेटी की छवि देखे तब होगा बालिका सुरक्षा अभियान सफल

वाराणास।कवच अभियान के तहत वाराणसी के आयुक्त सभागार मे TOT का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री जी द्वारा उत्तर प्रदेश में शुरू की गई बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान -“कवच” जो कि 1 जुलाई से 31 जुलाई तक चलाया जाएगा। ‘स्टेट रिसोर्स सेंटर फ़ॉर वीमेन ऐण्ड चाइल्ड’ राज्य स्तर द्वारा नामित मास्टर प्रशिक्षक बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह युनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार प्रीतेश तिवारी द्वारा अभियान के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा सभी रिसोर्स पर्सन को प्रशिक्षित किया।

इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयुक्त सभागार में मुख्य अतिथि आई जी विजय सिंह मीना द्वारा की गई साथ मे वरिस्ठ पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी, अपर जिलाधिकारी नगर विनय कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक अपराध ज्ञानेन्द्र नाथ प्रसाद, उप पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्नेहा तिवारी ,पुलिस उपअधीक्षक दशाश्वमेध प्रीति, महिला कल्याण विभाग के उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा आधिकारी जय सिह, एबीएसए डी पी सिंह,डायट प्राचार्य श्रम विभाग के अधिकारी व बाल कल्यान समिति के अध्यक्ष व सद्स्य जिला बाल संरक्षण इकाई ,वन स्टॉप सेंटर , महिला शक्ती केंद्र व के कार्मिको व निम्न स्वयं सेवी संस्थानो के नामित पदाधिकारी आँगन ट्रस्ट, डॉ0 शंभुनाथ सिंह रिसर्च फ़ाउंडेशन, सार्क संस्थान, प्रगती पथ फाउन्डेशन, मानव विकास सेवा संस्था, मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान, महिला स्वरोजगार समिति, मानवाधिकार जन निगरानी समिति, एस0ओ0एस0 चिल्ड्रेन विलेज, लोक चेतना समिति, नया सवेरा श्रम परियोजना, My होम इंडिया, BHU लीगल क्लिनिक के सदस्यो ने प्रतिभाग किया सभी को रिसोर्स पर्सन के रुप मास्तर ट्रैनर द्वारा प्रशिक्षित किया गया।मास्तर प्रशिक्षक निरूपमा सिंह व प्रीतेश तिवारी द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से सत्र नम्बर 1 पहला चरण 6 वर्ष से 12 वर्ष के बच्चों के साथ सुरक्षित एव असुरक्षित स्पर्श पर तक बताया गया कि कैसे पहचाने सुरक्षित स्पर्श व असुरक्षित स्पर्श।इस सत्र मे खेल के माध्यम से सत्र का आयोजन किया गया प्रतिभागियो के साथ इस सेशन के बाद खुली चर्चा की गई।इसके बाद चुपी तोड़ो व आवाज उठाना
स्वयं को सुरक्षित रखने के तरीके बारीकी से बताये गए ।
किशोरियो के साथ होने वाली हिंसा की रोकथाम पर समझ बनाई गई।छेड़छाड़ पर भी विस्तार से चर्चा हुई
उसके बाद हेल्प लाईन नम्बर बताये गए जैसे चाइल्ड लाइन हेल्प न. 1098, वीमेन पावर लाइन न. 1090, महिला सहायता हेल्प न. 181, 100 पुलिस से मदद लेने के लिए डायल करे इस पर भी विस्तार से चर्चा हुई ताकि किशोरियो को ये नम्बर आसानी से याद हो सके व जरूरत पड़ने पर किशोरिया इन नम्बर का उपयोग करने में कोई झिझक व शर्म महसूस न कर सके उसके बाद प्रशिक्षण को आगे बढ़ाते हुए जेंडर भेद भाव व बाल हिंसा पर भी चर्चा हुई ।

प्रशिक्षण में बताया गया कि हमे किशोरियो तक अपनी बात किस प्रकार आसान से आसान भाषा का प्रयोग कर के उन्हें अपनी सुरक्षा के बारे में जानकारी दे सके आई जी विजय मीणा द्वारा कहा गया कि पुलिस विभाग के जो भी पदाधिकारी विद्यालयों मे जाये बहुत ही संवेदनशीलता के साथ पेश आये कोशिश करे कि बच्चे अपने बातो को खुल कर आप से कह पाये।इस अभियान का उदेश्य है कि ज्यादा से ज्यादा से बच्चो को सुरक्षा के प्रति जागरुक करे अगर इस अभियान के दौरान हम लोग कुछ बच्चो को मदद कर पाये तथा उनके साथ होने अपराध पर अंकुश लगा पाये तथा अपराधियो को पहचान कर अगर उचित कार्यवाही कर पाये तौ सच मे अभियान का उदेश्य पुरा होगा उन्होने कहा की जो भी पुलिस कार्मिक अभियान मे कार्य कर रहे है उनकी अन्यत्र कही ना लगाया जाये तथा जो अच्छा कार्य करेंगे उन्हे प्रशस्ति पत्र भी दियस जायेगा ।वरिस्ठ पुलिस अधीक्षक आनन्ट कुलकर्णी द्वारा कहा गया कि सभी विद्यालयो मे एक सुझावपेटिका बनवाए तथा बालिकाओ को अपनी शिकायते व सुझाव उसमे डालने के लिये कहे एंटी रोमियो टीम द्वारा विद्यालयो मे जाकर उन पेटिकाओ को खोलकर देखा जायेगा तथा नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।उपनिदेशक महिला कल्याण प्रवीण त्रिपाठी द्वारा अभियान से जुडे लोगो को बच्चो के साथ सहभागी सत्र के द्वारा कार्यक्रम करने को कहा गया साथ ही उप पुलिस अधीक्षक स्नेहा तिवारी द्वारा थाने वार एक उपनिरीक्षक व एक महिला आरक्षी की टीम अभियान के लगाई गई प्रवीण त्रिपाठी द्वारा हर थाने पर महिला कल्यान विभाग से एक नोडल नामित किया गया।प्रत्येक थाने से एक व्यक्ति को रिपोर्टिंग के लिये नामित किया गया मास्टर ट्रैनर ने सभी की रिपोर्टिंग फार्मेट पर समझ बनाई गई।


  1. बेसिक शिक्षा आधिकारी द्वारा सभी बिद्यालय मे सभी हैल्प लाइन नम्बर अंकित कराने को कहा।
    कार्यशाला मे उपस्थ्ति सभी बिभागों के अधिकारियो ने बालिका सुरक्षा अभियान(कवच )को सफल बनाने के लिये हर सम्भव सहयोग देना तय कियास जिस से ज्यादा से ज्यादा स्कूल तक इस प्रशिक्षण को पहुचाया जा सके ताकि बालिकाओ को सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके और व अपने आप पर होने वाली हिंसा ,छेड़छाड़ ,सुरक्षित असुरक्षित स्पर्स , को पहचान सके और अपनी चुप्पी को तोड़ सके किसी भी प्रकार की हिंसा का शिकार न हो सके।
  2. अभियान के माध्यम से अगर 10 बच्चों नेे भी अपनी समस्या रिपोर्ट की तो यह उपलब्धि होगी। सारे पुलिस अधिकारियों की कोई और ड्यूटी नहीं होगी, अगर जरूरत होगा तो और ज्यादा फोर्स दे दिया जाएगा।

रिपोर्ट : के एन शुक्ल