विशेष – आज है अक्षय तृतीया, जानें दान और पूजा का महत्व –

विशेष – आज है अक्षय तृतीया, जानें दान और पूजा का महत्व –

News@- डेस्क-रिपोर्ट – 7 मई यानी आज अक्षय तृतीया है, सनातन धर्म में वैशाख शुक्ल तृतीया का मान अक्षय तृतीया के रूप में है। तृतीया तिथि छह-सात मई की भोर 3.22 बजे लग गयी है जो सात -आठ मई की भोर 2.20 बजे तक रहेगी। इस बार यह तिथि बेहद शुभ संयोग संजोए है। अक्षय तृतीया को आखा तीज कहा जाता है। अक्षय तृतीया के अलावा देवउठनी एकादशी, वसंत पंचमी और भड़ली नवमी को भी अबूझ मुहूर्त माना जाता है।

क्या है महत्व
इस तिथि पर सूर्य और चंद्र अपनी उच्च राशि में होते हैं। इसलिए इस दिन शादी, कारोबार की शुरूआत और गृह प्रवेश करने जैसे- मांगलिक काम बहुत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि शादी के लिए जिन लोगों के ग्रह-नक्षत्रों का मिलान नहीं होता या मुहूर्त नहीं निकल पाता, उनको इस शुभ तिथि पर दोष नहीं लगता व निर्विघ्न विवाह कर सकते हैं।

खरीदा जाता है सोना –
अक्षय तृतीया के दिन सोना अथवा चांदी के आभूषण खरीदने का विधान है। कई लोग घर में तरक्की के लिए इस दिन सोने या चांदी की लक्ष्मी की चरण पादुका लाकर घर में रखते हैं और उसकी नियमित पूजा करते हैं। इस दिन पितरों की प्रसन्नता और उनकी कृपा प्राप्ति के लिए किसी ब्राह्मण को जल कलश, पंखा, खड़ाऊं, छाता, सत्तू, ककड़ी, खरबूजा, फल, शक्कर, घी आदि दान करने चाहिए। इस दिन लोग शादी-विवाह का विशेष आयोजन करते हैं।

दान का महत्व –
मान्‍यता है कि अक्षय तृतीया के दिन जो भी दान किया जाता है उसका पुण्‍य कई गुना बढ़ा जाता है। इस दिन घी, शक्‍कर, अनाज, फल-सब्‍जी, इमली, कपड़े और सोने-चांदी का दान करना चाहिए।

अक्षय तृतीया पर कौन-कौन से शुभ काम कर सकते हैं –
इस शुभ मुहूर्त में गृह निर्माण, नवीन गृह में प्रवेश, दुकान लेना, प्रतिष्ठान का शुभारंभ, आभूषण खरीदी, नए व्यापार की शुरुआत, मुंडन, विवाह संस्कार आदि किए जा सकते हैं। अक्षय तृतीया पर तीर्थ स्नान, तर्पण का भी महत्व है। इस दिन चार धाम में से एक भगवान बद्रीनाथ के भी पट भी खुलते हैं। इस तिथि जौ, गेहूं, सत्तू, दही चावल, मिट्टी का घड़ा, फल का दान करना चाहिए। भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इस तिथि पर भगवान परशुराम का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है।