बनारस के छात्रों ने बनाई INTELLIGENCE MACHINE GUN

अपने जवानों को पहचान कर ट्रिगर हो जाएगा लॉक लेकिन दुश्मनों को पहचान कर करेगा वॉर

वाराणसी के छात्रों ने अपने देश के जवानों को पहचानने वाली GUN (intelligence Machine Guns) का अविष्कार किया है। इस गन की विशेषता ये हैं कि इस गन के सामने अपने कोइ जवान आ जाये तो ये गन उन्होंने पहचान लेता है और अपने ट्रिगर को लॉक कर देता तथा सामने कोई दुश्मन है तो ये फायरिंग शुरू कर देता है।


इस टेक्नोलॉजी की मदद से सेना के कैंपों की सुरक्षा के साथ हमारे देश के एक जवान सुरक्षित रह कर 100 ज्यादा बंदूकों को अलग अलग टार्गेट पर एक साथ निशाना साध  सकेंगे जिससे हमारे देश के जवानों के जान माल की रक्षा होगी और हमारे देश व जवानों की मारक क्षमता और भी मजबूत होगी।  इसे बनाने वाले छात्र ने बताया कि इसे बनाने का ख़याल हमें पुलवामा में हुए जवानों पर आतंकी हमले के बाद आया कि क्यों न हम अपने जवानों की सुरक्षा के लिए कुछ करे जिससे हमारे देश के जवान सुरक्षित रह कर दुश्मनों व आतंकियों का सामना डंट कर कर सके हमने अपनी सोच के आधार पर इस का वर्किंग माडल बनाया है ।इसे बनाने का हमारा उद्देश्य अपने देश व जवानों की सुरक्षा हैं। एक चिप जवानों के बूट या ड्रेस में फिट किया जाएगा जो डिवाइस से जुड़ा होगा।

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इसे बनाने में लगभग 3000 का खर्च आया है जिसे कालेज ने वहन किया है।कालेज के डायरेक्टर डॉ सारिका श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसे छात्रों को प्रोत्साहन करने के लिए कोई कसर नही छोड़ी जाती और यूपी स्तर पर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हरेक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया जाता है। इस मॉडल को केंद्र सरकार के समक्ष पेश किया जाएगा और जो कमियां होंगी उसे दूर किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार इसमें तब्दीली भी की जाएगी ताकि इसे सेना के इस्तेमाल के लिए पूर्णतः उपयोगी बनाया जा सके। अशोका इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर ने बताया कि इस मॉडल को पेटेंट कराने की प्रक्रिया बहुत जल्द शुरू की जाएगी।


इस मॉडल/डिवाइस को अगर प्रयोग में लाया जाता है तो सेना के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है फिलहाल देखना ये होगा कि सरकार इस मॉडल/ डिवाइस में कितना दिलचस्पी लेती है।

Report : K N Shukla