जम्मू-कश्मीर में CRPF के काफिले पर बड़ा आतंकी हमला, 23 जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर में CRPF के काफिले पर बड़ा आतंकी हमला, 23 जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सेना के काफिले पर आतंकी हमला हुआ. इस हमले में अबतक 23 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए हैं और करीब 12 से अधिक जवान घायल हैं.अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में सुरक्षाबलों के काफिले पर हमलाअवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में सुरक्षाबलों के काफिले पर हमला

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक बार फिर सुरक्षाबलों को निशाना बनाया है. पुलवामा में अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में सुरक्षाबलों के काफिले पर जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन ने हमला किया. इस दौरान आईईडी धमाका हुआ. इस धमाके में 18 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए और 12 जवान गंभीर रूप से घायल हैं. घाटी में काफी लंबे समय के बाद आतंकियों ने आईईडी धमाके के जरिए सुरक्षाबलों पर बड़े हमले को अंजाम दिया है.

घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसके साथ ही इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि काफिले में सीआपीएफ की करीब दर्जनभर गाड़ियों में 2500 से अधिक जवान सवार थे. आतंकियों ने सुरक्षाबलों की एक गाड़ी को निशाना बनाया है. उरी के बाद यह बड़ा आतंकी हमला है. उरी हमले में 19 जवान शहीद हुए थे.

घाटी आधारित समाचार एजेंसियों को दिए एक टेली स्टेटमेंट में जैश ए मोहम्मद के प्रवक्ता ने बताया कि इस फिदायीन हमले को अंजाम देने वाला ड्राइवर पुलवामा के गुंडई बाग का रहने वाला है. इसका नाम आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो है.

सीआरपीएफ के सूत्रों का कहना है कि सड़क पर एक चार पहिया वाहन में IED लगाया गया था. कार हाईवे पर खड़ी थी. जैसे ही सुरक्षाबलों का काफिला कार के पास से गुजरा, उसमें ब्लास्ट हो गया. इस दौरान काफिले पर फायरिंग की भी खबर है. इस हमले में 18 सीआरपीएफ जवानों की मौत गई, जबकि 12 गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.शहीदों की संख्या बढ़कर अब 23 हो चुकी है।सबसे अधिक संभावना है कि यह एक रिमोट कंट्रोल्ड व्हीकल आईईडी था.

सीआरपीएफ के डीजी आरआर भटनागर ने कहा कि जम्मू से श्रीनगर काफिला जा रहा था. काफिले में करीब 2500 लोग थे. वहीं, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि अभी 10 जवानों के शहीद होने की खबर है.

बता दें, अफजल गुरू की बरसी यानि 8 फरवरी को ख़ुफ़िया एजेंसियों ने बड़ा अलर्ट जारी किया था, जिसमें IED प्लांट का अलर्ट था. इस अलर्ट में कहा गया था कि जम्मू कश्मीर में आतंकी सुरक्षा बलों के डिप्लॉयमेन्ट और उनके आने जाने के रास्ते पर IED से हमला कर सकते हैं. सुरक्षा बलों को अलर्ट करते हुए ख़ुफ़िया एजेंसियों ने कहा था कि एरिया को बिना सेंसिटाइज किए उस एरिया में ड्यूटी पर न जाएं.