चयनित मॉडल प्राथमिक विद्यालय बनकट बदहाल

सवाल पर प्रधान उखड़े, तो सचिव ने कहा नही करता चिंता


सीतामढ़ी। मोदी सरकार बनने के बाद से ही गांवों व शहरों को स्वच्छ बनाने तथा परिषदीय स्कूलों के कायाकल्प के लिए ऑपरेशन चलाये जा रहे हैं। लेकिन गांव में आगामी चुनाव के लिए वोट बैंक बना रहे ग्राम प्रधान जहां स्कूल सुधारने के प्रति चिंतित नही है वहीं जर्जर स्कूलों में पढ़ रहे गरीब बच्चों को स्मार्ट क्लास रूम का तोहफा देने के प्रति जिम्मेदार ग्राम पंचायत सचिव अकर्मण्य हैं जिसके कारण जिले के अधिसंख्य विद्यालय आज भी लचर हालत में है। गुरुवार को आज अखबार की टीम डीघ ब्लॉक के बनकट ऊपरवार गांव के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में पहुंची तो अध्यापकों में हड़बड़ी देखने को मिली।

अवगत करा दें कि जिलाधिकारी द्वारा उक्त विद्यालय को ग्राम निधि के मद से एक वर्ष पूर्व आदर्श प्राथमिक विद्यालय बनाने के लिए चयनित किया गया था। ग्राम प्रधान सर्वेश सिंह द्वारा टाइल्स व बाउंड्री वाल सहित कुछ भवन मरम्मत का काम कराया गया लेकिन उसके बाद 6 महीने पहले प्रधान द्वारा काम बंद कर दिया गया। 107 नामांकित छात्र छात्राओं वाले इस विद्यालय में जहां शौचालय की स्थिति बदहाल है वहीं परिसर में गंदगी का अंबार है। शौचालय निर्माण का कार्य ग्राम प्रधान द्वारा कराया जा रहा था पर आधे पर ही रोक दिया गया। जिससे बाहर लगे दरवाजों में जहां जंग लग चुका है वहीं आसपास गंदगी है और घास उग गई है। स्कूल में स्थापित एकमात्र हैंडपंप से निकल रहे गंदे पानी को पीने के लिए बच्चे व शिक्षक मजबूर हैं। विद्यालय में न ही रनिंग वाटर की सुविधा हो सकी न ही पेयजल के लिए हैंडवाश बनाया जा सका है। पेंटिंग तो जैसे दशकों पूर्व हुई होगी। गुरुवार को पड़ताल में स्कूल में कुल 64 बच्चे जहां पढ़ने आये थे वहीं एक शिक्षामित्र समेत कुल 4 अध्यापक उपस्थित थे। बच्चों में ड्रेस वितरण करने के साथ स्वेटर वितरित कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि स्कूलों की दशा और दिशा सुधारने में जहां केंद्र सरकार गंभीर है वहीं परिषदीय स्कूलों की पब्लिक स्कूलों की भांति तस्वीर बदलने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर योगी सरकार ऑपरेशन कायाकल्प चला रही है। यही नही ऑपरेशन कायाकल्प को युद्ध स्तर पर संचालित कराने के प्रति जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी भी बेहद गंभीर हैं तो डीपीआरओ ने इसके क्रियान्वयन के लिए सभी ग्राम पंचायतों को पत्र जारी कर अभियान चलाकर पंचायत भवन आंगनबाड़ी व सरकारी स्कूल सहित अन्य सार्वजनिक भवनों के सुदृढ़ीकरण एवं सुंदरीकरण का निर्देश दिया है। तथा ह्यूूूम पाइप सोलर लाइट व स्ट्रीट लाइट अधिष्ठापन पर रोक भी लगाई हुई है। लेकिन हद तो तब हो गई जब चयनित मॉडल स्कूल के जीर्ण शीर्ण स्थिति पर सवाल दागते ही बनकट के प्रधान जी का पारा चढ़ गया। कतराते हुए धमकी देने लगे और कहा कि आराम से काम कराऊंगा जहां फ़ोटो भेजना हो भेज दीजिए। वहीं 4 माह पूर्व नियुक्त सचिव विनोद गुप्ता तो स्कूल पर झांकने ही नही जाते। फोन पर सेक्रेटरी साहब ने कहा कि मैं पहली बार 2 दिन पूर्व स्कूल पर गया था। कार्ययोजना में जो कार्य शामिल हैं वह आराम से कराए जाएंगे बाकी काम कार्ययोजना में डालने के उपरांत स्टीमेट बनने पर होगा। एक सवाल कि वह विद्यालय को आदर्श बनाने के प्रति चिंतित हैं गम्भीर हैं या नही पर उन्होंने कहा कि हम किसी कार्य को लेकर उतना चिंतित नही रहते। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रधान की अनदेखी और सचिव के इस असक्रियता अकर्मण्यता व अगम्भीरता की स्थिति में क्या मॉडल विद्यालय बनाने के सपनों में पंख लग सकेगी।

रिपोर्ट : गिरीश पांडेय