नहीं आए शिवराज, मामाजी की समाधि स्थल पर – खुद को मामा कहने वाले असली आदिवासियों के मामा को भूले –

नहीं आए शिवराज, मामाजी की समाधि स्थल पर –
खुद को मामा कहने वाले असली आदिवासियों के मामा को भूले –

बामनिया से हरिश राठोड की रिपोर्ट –

बामनिया (झाबुआ) – एक बार फिर मामा बालेश्वर दयाल की कर्म स्थली के साथ प्रदेश सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने सौतेला व्यवहार किया है आज अपने विधानसभा चुनाव के प्रचार को लेकर आम सभा करने आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बालक ग्राउंड बामनिया से ग्रामीण क्षेत्रों की आम सभा को संबोधित करने आए थे लगभग 100 मीटर के दूरी पर ही पूर्व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदिवासियों के मसीहा मामा बालेश्वर दयाल की कर्म स्थली व समाधि थी लेकिन शिवराज सिंह ने यह उचित नहीं समझा कि मामा की कर्म स्थली पर भी 2 मिनट रुक कर नमन कर ले यही गलती पिछली बार लोकसभा उपचुनाव में शिवराज सिंह ने की थी जिसका परिणाम तीनों जिलो अलीराजपुर झाबुआ और रतलाम संसदीय क्षेत्र में भुगतना पड़ा और रिकॉर्ड आमसभा करने के बावजूद भी यहां से लोकसभा का चुनाव जीत नहीं पाए थे जबकि प्रदेश में भाजपा की सरकार थी इस मामले में केंद्र सहित पूरे प्रदेश में खूब किरकिरी हुई थी इस पूरे उपचुनाव में शिवराज सिंह चौहान ने तीनों जिलों में शिवराज सिंह मामा के नाम से खूब प्रचार किया था लेकिन फिर भी हार का मुंह देखना पड़ा था कहीं फिर ऐसा तो नहीं होने जा रहा है।