किसान के बेटे ने खड़ा किया 7 सौ करोड़ का साम्राज्य 

किसान का बेटा कैसे खड़ा किया 7 सौ करोड़ की कम्पनी 

देवारिया किसी ने सही कहा है कि अगर आदमी के अन्दर हौसला होतो कोई भी मंजिल दूर नही होती कुछ ऐसा ही कर के दिखाया एक छोटे से गाँव  बुधु खा के रहने वाले मैनुदिन खान ने आइये अब आप को बताते है एक गरीब परिवार से तालुख रखने वाला लड़का अपने मेहनत और ईमानदारी से कैसे खड़ा किया 7 सौ करोड़ की धन लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल प्राइवेट कम्पनी की एम्पायर ।

रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के गाँव बुधु खा के रहने वाले शकूर खा एक किसान थे इनके दो बेटे मोहम्द मोबिन खान और मोहम्द मैनुदिन खान थे पिता किसानी कर के अपने परिवार का गुजारा कराते थे।मैनुदिन खान ने बताया कि पिता की मालती स्थिति ठीक नही थी जिसके कारण बचपन गरीबी में बीती गरीबी के कारण पिता जी हमे अच्छे स्कूल में दाखिला नही दिला पाये मैनुदिन ने बताया कि मैंने 10 की पढ़ाई 1992 में राजकीय विद्यालय से की उसके बाद इण्टर में दाखिला लिया पिता की मालती स्थिति को देखते हुये मैने एक इलेक्ट्रिक की दुकान पर रह कर काम सीखने लगा ।जिससे जो पैसा मिलता उससे अपने पढ़ाई में लगता गया इण्टर की पढ़ाई कर के मैन गाँव को छोड़ मुम्बई की तरफ निकल गया।

मैनुदिन खान ने बताया कि नौकरी की तलाश में मैं मुम्बई गया और एक इलेक्ट्रिक की दुकान पर काम करने लगा दिन में काम करता और रात में मुम्बई की प्लेट फार्म पर सोता और धीरे धीरे लोगों के घर जा कर वायरिंग करने लगा कुछ महीने बीतने के बाद मेरी मुलाकात एक शख्स से हुई जिसके बाद मुझे छोटे मोटे घर के वायरिंग का कॉन्टेक्ट मिलने लगा ।और उसके बाद मैं अपने मेहनत से आगे बढ़ता गया।कुछ सालों बाद मुझे रेलवे के छोटे छोटे इलेक्ट्रिक के ठीके मिलने लगा जिसके बाद मैंने अपनी एक खुद की छोटी सी कम्पनी का रजिस्ट्रेशन कराया ।


मैनुदिन खान ने बताया की मैंने अपनी पहली कम्पनी का नाम धनलक्ष्मी प्राइवेट लिमिटेड रखा जिसके बाद धीरे धीरे कम्पनी को आगे बढ़ाता गया उसके कुछ सालों बाद मैंने एक और कम्पनी खोली जिसका नाम सुहाना इंटरप्राइजेज रखा इन दोनों कम्पनियों की पूंजी को आगे बढ़ाते हुये आज मेरे पास चार कम्पनिया है ।मैनुदिन खान ने बताया कि एक गरीब किसान का बेटा अपनी ईमानदारी और मेहनत से आज 7 सौ करोड़ की कम्पनी खड़ी की है ये एक नजीर है ।

गरीब किसान के बेटे को लन्दन में महात्मा गान्धी अवार्ड से किया गया सम्मानित

मैनुदिन खान ने बताया कि दो दिन पहले लन्दन में हुये एनआरआई सोसाइटी द्वारा उद्योगपतियो की एक सम्मेलन रखी गयी थी जिसमे कई देशों के उद्योगपति आये हुये थे जिसमें कम समय और ईमानदारी से 7 सौ करोड़ की एम्पायर कड़ी करने के लिये मुझे लन्दन में महात्मा गाँधी अवार्ड से सम्मानित किया गया ।

रिपोर्ट : सत्य प्रकाश तिवारी