REPORTERS PAGE EXCLUSIVE NEWS त्याग और तपस्या का पर्व नवरात्रि का आज हुआ समापन, वर्षो से चली आरही वाड़ी परंपरा का किया गया निर्वाह

त्याग और तपस्या का पर्व नवरात्रि का आज हुआ समापन, वर्षो से चली आरही वाड़ी परंपरा का किया गया निर्वाह –

पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट –पेटलावद (झाबुआ M.P)  त्याग और तपस्या का पर्व नवरात्रि का गुरूवार को समापन हुआ। जिसमें नगर में विभिन्न स्थानों पर कई धार्मिक आयोजन किए गए। जिसमें नो दिवसीय साधना के बाद हवन पूजन का क्रम, कन्या भोज का क्रम और वाडी निकालने का क्रम भी चला। जिसके चलते नगर के कई स्थानों पर दोपहर बाद वाडी निकाली गई।

जिसमें माताजी के कलश स्थापना के साथ जवारे जो लगाए जाते है।  उन्हें पवित्र नदी में प्रवेश करना और कुछ अंश अपने साथ घर पर लाने का महत्व माना जाता है। जिसके लिए विभिन्न स्थानों पर भोपे भी आए और वाडी में शामिल हुए। नागरिकों ने नाचते गाते मुख्य मार्ग से वाडी निकाली। इस दरम्यान वाडी में कई भोपे हाथ में खए पर ले कर नाचते हुए भी नजर आए। इस दरम्यान कुछ अंधविश्वास भी दिखाई दिया किंतु माताजी के प्रति लोगों की अगाध आस्था और श्रद्वा का नजारा भी देखने को मिला। वाडियों में काफी भीड़ उम़ड़ी,जहां कोई दिखावा ना करते हुए केवल भगवान से आर्शीवाद की प्रार्थना की गई।और माताजी को विदाई दी गई। वाडी निकालने की प्रथा क्षेत्र में 100 वर्ष से भी अधिक समय से चली आ रही है। तपस्या के क्रम के समापन अवसर पर कई भक्तगण भद्रकाली माताजी मंदिर भी अपनी तपस्या पूर्ण होने पर माताजी से आर्शीवाद लेने पहुंचे।