महिला सशक्तिकरण बिना पुरुष के साथ के संभव नहीं-कीर्ति आडेकर

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महिला सशक्तिकरण पुरुष के साथ के बिना संभव नहीं-कीर्ति आडेकर

मराठी रंगमंच फिल्मों से बॉलीवुड फिल्मों तक का सफर तय करने वाली मशहूर अदाकारा कीर्ति आडेकर जी ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर आज खुल कर बात की.उन्होंने कहा कि महिला के सशक्त होने की प्रक्रिया पुरूष से साथ ही प्रारम्भ हो जाती है चाहे पुरुष पिता,भाई,पति या पुत्र के रूप में हो,हर रूप में महिला उनके सहयोग से ही अपने सफलता के सोपान को तय करती है.पुरुषवादी संसार मे स्त्री की सशक्त अभिव्यक्ति किसी न किसी रूप में पुरुष के सापेक्ष रहने से ही सम्भव है.अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कीर्ति जी ने कहा,”मुझे मेरे पिता एवं भाई का स्कूल से लेकर मेरे फिल्मी सफर तक पूर्ण संरक्षण व सहयोग मिला.जब तक स्कूल कॉलेज न छूट जाए तब तक मेरे पिता मेरा इंतजार करते थे.घर पहुंचने में थोड़ा विलंब हो तो परेशान हो जाना ये उनके प्रेम ध्यान और समर्पण का द्योतक था जिसके कारण हममें सुरक्षा की भावना और आत्मविश्वास का सृजन होता गया.विवाह के बाद पति और पुत्र हर स्तर पर मेरे साथ खड़े रहे,इसलिए मेरे स्पष्ट मानना है मेरे व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर कि किसी के भी महिला के सशक्तिकृत होने का दावा बिना पुरुष के सहयोगी बने बेईमानी है..


कीर्ति आडेकर जी पिछले वर्ष हुई रिलीज़ फ़िल्म भिखारी में उनके जबरदस्त अभिनय काफी सराहा गया.2016 में रिलीज़ हुई फ़िल्म “नीरजा”, “वेंटिलेटर” एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त Rebellious Flower (2016) में ओशो की मां का किरदार खूब सराहा गया था.Rebellious Flower को फ़िल्म को कई अन्तरराष्ट्रीय सम्मान भी मिला..
बनारस के शिवाला घाट पर चल रही एक भोजपुरी फ़िल्म की शूटिंग के लिए मुम्बई से आये कलाकारों में कीर्ति अडारकर के अलावा मुख्य रूप से आरव चौधरी(महाभारत-भीष्म पितामह फेम),जीतू शर्मा व अन्य काम कर रहे है..

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