‘स्वच्छता गीत’ के माध्यम से कुछ इस तरह होगा पीएम मोदी और फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का स्वागत

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‘स्वच्छता गीत’ के माध्यम से कुछ इस तरह होगा पीएम मोदी और फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का स्वागत

वाराणसी में देश के पीएम नरेंद्र मोदी और फ़्रांस के राष्ट्रपति के दौरे को लेकर तैयारियां जोरो शोर से किया जा रहा है | पीएम मोदी सत्ता में आते ही देश को स्वच्छता का सन्देश दिया , जिसे लेकर देश में गन्दगी के खिलाफ एक बड़ा अभियान चल रहा है |ऐसे में पीएम मोदी के साथ फ़्रांस के राष्ट्रपति  इमैनुएल मैक्रों के वाराणसी आगमन के दौरान महात्मा गांधी के स्वच्छता अभियान के ऊपर शिक्षक डॉ. देवकीनंदन  भट्ट  का लिखा गीत काशी के घाटों पर गूंजेगा |

देश का स्वच्छ भारत गीत देश के स्वच्छ भारत अभियान के लिए हल्द्वानी  के शिक्षक डॉ. देवकीनंदन भट्ट की कलम से लिखा गया है  ‘स्वच्छता गीत’ आगामी  12 मार्च को वाराणासी को काशी के घाट पर पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के सामने  गूंजेगा । 6 मिनट 17 सेकेंड की इस गीत के प्रस्तुति 5 नन्ने मुन्ने बच्चो से करेंगे  |  ” साफ़ करेंगे –  साफ़ करेंगे कूड़ा कचरा साफ़ करेंगे बापू हम , बिमारी को दूर करेंगे बापू हम ” बोल की यह गीत की प्रस्तुति के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से इन बच्चो को बुलाया गया है | इस गीत की प्रस्तुति  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के सामने दी जाएगी। आपको बता दें कि यह गीत को हल्द्वानी के स्कूलों के पांच बच्चे की प्रस्तुति उस समय होगा, जब दोनों देशों के प्रमुख गंगा में नाव पर सवार होकर नौका विहार कर रहे होंगे | पीएम के सामने प्रस्तुति के लिए बच्चो को लेकर आने वाले हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि इन बच्चो को लेकर काशी आने के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने निमंत्रण भेजा था और स्वच्छता के प्रति छेड़े गए अभियान को हम गीतों के माध्यम से लोगो जागरूक करने का काम करेंगे |

पीएम मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नौका विहार के दौरान स्वच्छता गीत प्रस्तुत करने वाले अभय मेहरा , चेतन भट्ट , गौरांशी जोशी , दीपिका जोशी , नवेंदु जोशी नामक छात्र हल्द्वानी के विभिन्न स्कूलों में पढ़ते है | गीत प्रस्तुत करने वाले बच्चो का कहना है हम चाहते है कि स्वच्छता गीत को सभी स्कूलों में गीत को गाया जाए | वही इस गीत के लेखक डॉ. देवकीनंदन भट्ट का कहना है कि इस गीत लिखने के पीछे पीएम के स्वच्छता की सेवा नारे से प्रेरित होकर मैंने करीब डेढ़ साल लगकर इस गीत को लिखा | मै चाहता था कि एक ऐसा गीत लिखा जा जो सभी बच्चे और सभी स्कूलों में गाय जाए| इस गीत को देश में काफी पसंद किया जा रहा है और खाश कर बच्चे इसे ज्यादा पसंद कर रहे है | संस्कृति मंत्रालय के समक्ष जब यह गीत देश  की गए तो उन्हें लगा की इस गीत में स्वच्छता के प्रति अपील किया जा रहा है , तब उन्होंने पीएम के सामने पहुंचाने के लिए कहा गया |

 

 

 

 

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