video:-बच्चों को जलाकर राख करने का इंतजार कर रहा है विद्यालय प्रशासन….

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440 वोल्ट का झटका लगने पर इंसान की जिंदगी दांव पर लग जाती है ज़रा सोचिए अगर एक लाख 32 हजार वोल्टेज का पावर आपके पास से गुजरे तो क्या हाल होगा।मामला पीएम के संसदीय क्षेत्र के एक विद्यालय का है जहां सैकड़ों बच्चे मौत के साये में रोजाना अपना भविष्य निखारने के लिए और अपने माँ बाप का सपना पूरा करने के लिए शिक्षा लेते हैं।
दरअसल वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में एक ऐसा विद्यालय है जो चारों तरफ से मौत के जंजाल में घिरा हुआ है लेकिन फिर भी बच्चों का भविष्य संवारने का दावा करता है।जिस विद्यालय को कभी बनारस के पूर्व सांसद ने शिलान्यास करते समय अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण काम समझते हुए अपने पर गर्व महसूस किया होगा।लेकिन दरअसल में उस विद्यालय की नींव ही गलत जगह पड़ी जहां से हाई वोल्टेज के तार गुजरते हैं और जिनमे किसी भी समय एक लाख बत्तीस हजार वोल्ट का करेंट दौड़ता है।यही नही विद्यालय के बीचोबीच बिजली का हाई वोल्टेज खंभा भी है।
इस बाबत जब विद्यालय के प्रधानचार्य से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह विद्यालय वर्ष 2004 से कक्षा एलकेजी से हाईस्कूल तक चलता है। विद्यालय के बीच  खंभे और हाई वोल्टेज तार के सवाल पर उन्होंने कहा कि तार बहित ऊपर है उससे कुछ नही होगा।जबकि इतने हाई वोल्टेज के नीचे रहने पर भी इससे उत्पन्न होने वाले विकिरण से दिमाग पर काफी असर पड़ता है।आपको बता दें कि यह विद्यालय बनारस के रोहनिया थाना अंर्तगत मनियारीपुर गाव में शिवम शिंक्षण सस्थान के नाम से है।
एक तरफ सूबे के मुखिया जहां हाईस्कूल इण्टर की परिक्षा में सीसीटीवी लगा रहे हैं ताकि बच्चे पढ़लिखकर पास हों।वही दूसरी तरफ एक लाख बत्तीस हजार हाई वोल्टेज के नीचे ये विद्यालय चल रहा है। मानकों को ताक पर रख कर चलाया जा रहा है यह विद्यालय।
वही जब इस पुरे मामले को डीएम से अवगत कराया गया तो उन्होंने तुरंत कार्यवाही करने कि बात कही और कहा कि मेरे अभी संज्ञान में आया है। बच्चो के और किसी के भी जान माल कि सुरक्षा मेरा सबसे पहला कार्य है। और विधुत सुरक्षा के दृष्टि से असुरक्षित होगा तो विद्यालय बन्द करा दिया जाएगा।
जब पीएम के ससंदीय क्षेत्र में ही बच्चे सुरक्षित नही है। तो देश के पिछड़े इलाकों कि बात ही सुनने वाला कौन है।अब देखना ये है कि शासन के संज्ञान में आने के बाद क्या विद्यालय और विद्यालय प्रशासन पर कोई कार्रवाई होगी या फिर नौनिहालों के जीवन से ऐसे ही खिलवाड़ होता रहेगा।

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