वाराणसी में छात्रों ने कृषि विज्ञान प्रदर्शनी में बताया किसानो को कृषि का लाभ

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भारत संरचनात्मक दृष्टि से गांवों का देश है, और सभी ग्रामीण समुदायों में अधिक मात्रा में कृषि कार्य किया जाता है इसी लिए भारत को भारत कृषि प्रधान देश की संज्ञा भी मिली हुई है। लगभग 70% भारतीय लोग किसान हैं। वे भारत देश के रीढ़ की हड्डी के समान है।
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में  राजकीय महाविद्यालय जक्खिनी के कृषि संकाय ने गुरूवार को कृषि विज्ञान प्रदर्शनी और कृषि गोष्ठी का आयोजन किया गया।  जिसमे  किसानो को रबी के सीजन में फसलों की बुआई के समय कम तापमान तथा पकते समय खुश्क और गर्म वातावरण की आवश्यकता  कुछ इसी तरह की कार्यो को स्कूल के छात्र छात्राओं ने प्रदर्शनी के माध्यम से बताया
कृषि एवं विज्ञान प्रदर्शनी के बारे में एग्रोनामी के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ संतोष सिंह ने बताया कि  प्रदर्शनी के माध्यम से महाविद्यालय के छात्रों ने डिजिटल इंडिया और नई तकनीक के माडल पेश कर  कृषि के क्षेत्र में नई क्रान्ति ला  रही है और  प्रदर्शनी के बाद कृषि गोष्ठी का भी आयोजन किया गया था जिसमे 200 से अधिक किसानो ने हिस्सा लिया।
इस किसान गोष्ठी में काशी हिन्दू विश्वविध्यालय के प्रोफ़ेसर डॉ जैनेन्द्र सिंह ने बताया कि रबी की फसल में किसानो को किस किस तरह की सावधानियां बरती जानी चाहिए।  जिससे फसल उन्नत हो और किसानो को भी फायदा भी हो। वहीं एग्रोनामी के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ संतोष सिंह ने बताया कि गेंहूं में कब कब सिंचाई करे जिससे गेंहूं का उत्पादन अच्छा हो और किसानो को फायदा हो।

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